पहाड़ों के साथ मैदानों में भी हुई झमाझम बारिश से ब्रजघाट में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। ब्रजघाट में अब गंगा खतरे के निशान से महज पांच सेंटीमीटर दूर रह गई है।
ऐसे में खादर क्षेत्र के परिवारों में दहशत बढ़ गई है। बाढ़ की आशंका से भयभीत हजारों परिवार पलायन के लिए मजबूर हैं। उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से जुड़े पहाड़ों के साथ ही वेस्टर्न यूपी से जुड़े मैदानों में भी झमाझम बारिश शुरू हो गई है।
इससे गढ़ खादर क्षेत्र से जुड़े दो दर्जन से अधिक गांवों में रहने वाले हजारों परिवारों में दहशत व्याप्त हो गई है। यहां के लोग बाढ़ की आशंका के मद्देनजर सुरक्षित स्थानों पर पलायन करने की तैयारी में जुटे हुए हैं।
मेवा सिंह, बलबीर, ओमदत्त, विजय सिंह, लाखन का कहना है कि अगर इसी तरह पहाड़ों के साथ ही मैदानों में बारिश होने का सिलसिला चलता रहा तो दो तीन दिन के भीतर बाढ़ आनी तय है। इसके चलते उन्हें मजबूरन घर-बार छोड़कर दूसरे स्थानों पर पलायन करना होगा।
केंद्रीय जल आयोग के कनिष्ठ अभियंता राहुल शर्मा और गेज अधिकारी संत कुमार ने बताया कि शनिवार देर शाम ब्रजघाट गंगा का जलस्तर बढ़कर 198. 28 मीटर के निशान पर पहुंच गया है।
अब जलस्तर खतरे के निशान से महज पांच सेंटीमीटर दूर रह गया है। ऐसे में अगर झमाझम बारिश के चलते टिहरी, हरिद्वार और बिजनौर बैराज से पानी छोड़ा गया तो फिर ब्रजघाट गंगा खतरे के निशान को लांघ सकती है।
गंगा के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इसके मद्देनजर राहत चौकियों को पूरी तरह सतर्क कर दिया गया है। लेखपालों सहित राजस्व कर्मियों से बाढ़ संभावित गांवों की निगरानी कराई जा रही है। भगत सिंह, तहसीलदार