आलू भंडारण के लिए किसान कोल्ड स्टोरों के बाहर लंबी लाइन लगाकर खड़े हैं। भीड़ देख कोल्ड स्टोर संचालकों और प्रशासन का पसीना छूट रहा है। आलम यह है कि कोल्ड स्टोर खुलने से पहले ही किसानों की ट्रालियां लाइनों में लगनी शुरू हो जाती हैं।
कई किसानों की रातें भी कोल्ड स्टोरों के बाहर ही बीत रही हैं। इस बार खेत से ही आलू न बिकने के कारण किसान कोल्ड स्टोर में आलू रखने के लिए मजबूर हैं। जिले के सभी स्टोरों में आलू से भरी बुग्गी और ट्रालियों की लाइनें लगी हैं।
मंगलवार को गढ़ रोड, बुलंदशहर रोड और दूसरे स्टोरों में आलू के भंडारण को लेकर मारामारी मची रही। सड़क के दोनों ओर दो दो लाइनों में ट्रालियां खड़ी थीं। कुछ स्थानों पर तो जाम की नौबत तक आ गई।
हालांकि पुलिस ने ट्रालियों को व्यवस्थित तरीके से लगाकर यातायात को सुचारु करा दिया। अब तक जिले के कोल्ड स्टोरों में करीब 30 से 35 प्रतिशत आलू का भंडारण हो चुका है।
भंडारण की बढ़ती समस्या को देखते हुए किसान आलू को खोदकर जल्द से जल्द उसे कोल्ड स्टोर तक पहुंचने की सोच रहे हैं।
श्यामपुर निवासी किसान नरेंद्र सहवाग, किसान हरपाल सिंह, असौड़ा निवासी सुखवीर सिंह का कहना है कि आलू भंडारण के लिए प्रशासन को कोल्ड स्टोर संचालकों को सही तरीके और समय रहते व्यवस्था करानी चाहिए।
एसडीएम मीनू राणा ने बताया कि जिले में आलू के भंडारण को लेकर फिलहाल कोई समस्या नहीं है। इस बार जिले में 35 सौ हेक्टेयर आलू बोया गया है, जिसके लिए कोल्ड स्टोरों में पर्याप्त जगह है।