हापुड़। शंभू बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन के समर्थन में भाकियू टिकैत के कार्यकर्ताओं ने ट्रैक्टर रैली निकालकर, जिला मुख्यालय पर जोरदार धरना प्रदर्शन व हंगामा किया। सात सूत्रीय मांगों के निस्तारण की आवाज उठाई। किसानों के आंदोलन के चलते पुलिस, प्रशासन सतर्क रहे। कई स्थानों पर पुलिस के साथ नोकझोंक भी हुई।
भाकियू के जिला अध्यक्ष दिनेश खेड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार हठधर्मिता कर रही है। दिल्ली में आंदोलन के दौरान सरकार ने कई वादे किए थे, जिन्हें आज तक पूरा नहीं किया जा सका है। समझौते के आधार पर भारत सरकार से एमएसपी खरीद गेहूं कानून बनवाए जाने, स्वामीनाथन कमेटी की सी-2 प्लस के आधार पर किसानों के फसलों के मूल्य तय करने की सिफारिश की जाए। बॉर्डर आंदोलन के दौरान जो संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में लगाए गए सभी मुकदमे वापस कराए जाएं।
बॉर्डर आंदोलन के द्वारा लगभग 700 किसान शहीद हुए जिनके परिवारों को कम से कम 25-25 लाख रुपये राशि मुआवजा दिलाया जाए। उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देशित करते हुए किसानों का भुगतान 14 दिन के अंदर ब्याज समेत कराया जाए। निराश्रित पशुओं से किसान एवं जनता को निजात दिलाई जाए। किसानों की हत्या करवाने के दोषी लखीमपुर के सांसद और केंद्रीय मंत्री के खिलाफ सबूतों के आधार पर कार्रवाई की जाए।
इन मांगों को लेकर किसान ट्रैक्टर रैली निकालते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे। इससे पहले ही भारी संख्या में पुलिस बल वहां मौजूद रहा। किसानों ने जिला मुख्यालय पर ट्रैक्टर खड़े करके धरना दिया। मांगों के निस्तारण को लेकर जोरदार हंगामा किया। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा।
धरने में युवा जिलाध्यक्ष ज्ञानेश्वर त्यागी, जिला उपाध्यक्ष जन्म सिंह, प्रचार मंत्री अनिल, धनवीर शास्त्री, जतिन चौधरी, कुंवर खुशनूद, शब्बू चौधरी, पीके वर्मा, नीलम त्यागी, शोभा, संतोष, सरिता, राजवीरी, ममता शर्मा, राजेश चौधरी, नवीन त्यागी, श्याम सुंदर त्यागी, मुनव्वर अली, पुष्पेंद्र चौधरी, विनोद शर्मा, ओमबीर सिंह, आजाद तोमर, शहाबुद्दीन मौजूद रहे।