गढ़मुक्तेश्वर। केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त नई व्यवस्था के तहत किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी। जिसके तहत सरकार ने दिसंबर की किस्त के लिए फार्मर रजिस्ट्री को अनिवार्य कर दिया है। 30 सितंबर तक हर हाल में किसानों को फार्मर रजिस्ट्री में अनिवार्य रूप से सम्मिलित होना होगा। जिसके लिए राजस्व और कृषि विभाग संयुक्त रूप से काम करेंगे।
कृषि उप निदेशक डॉ. वीबी द्विवेदी ने बताया कि यह एक बुनियादी रजिस्ट्री होगी, जिसमें किसानों का पूरा विवरण दर्ज होगा। किसान रजिस्ट्री किसानों का डिजिटल डाटा बेस होगा। इसमें किसान की यूनिक आईडी बनाई जाएगी। इसके लिए खसरा खतौनी में दर्ज अभिलेख का उपयोग किया जाएगा। नई व्यवस्था के अनुसार, यदि कोई किसान या उसका परिवार किसान रजिस्ट्री अभियान के तहत अपना नाम दर्ज नहीं कराता है तो उसे भविष्य में पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त समेत अन्य योजनाओं के लाभ नहीं मिलेंगे। यही नहीं एक बार डाटा तैयार होने के बाद भविष्य में किसी भी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अलग से सत्यापन नहीं करवाना होगा। किसानों को इसके माध्यम से योजनाओं का लाभ तो मिलेगा। वहीं, कृषि वैज्ञानिकों से खेती से संबंधित सलाह भी ले सकेंगे। खेत की मिट्टी और जलवायु के हिसाब से कौन सी फसल बोनी चाहिए, किस किस्म का बीज खरीदना चाहिए, बेहतर पैदावार के लिए कितना खाद, पानी और दवा की जरूरत है, इसकी भी जानकारी आसानी से की जा सकेगी। फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से विभिन्न फसलों के संभावित उत्पादन एवं वास्तविक उत्पादन के आंकड़े भी आसानी से जुटाए जा सकेंगे। इसके अलावा कृषि उत्पादों का विपणन भी सुविधाजनक होगा। साथ ही किसानों के लिए कृषि ऋण, वित्त सहित अन्य सेवा को सुगमता से उपलब्ध कराना संभव होगा। उन्होंने बताया कि यह अभियान दो चरणों में चलेगा। जिसका पहला चरण एक जुलाई से 31 जुलाई तक चलाया जाएगा। वहीं किसान अपने आप भी मोबाइल एप के जरिए अथवा जन सुविधा केंद्रों पर जाकर फार्मर रजिस्ट्री तैयार करा सकेंगे।