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उद्यमियों ने लगाई गुहार, प्रमुख सचिव ने मांगी आख्या

Wed, 14 Sep 2016 08:28 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हापुड़
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भूमि अधिग्रहण नीति का मामला - फोटो : अमर उजाला
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एचपीडीए की ओर से दिल्ली रोड पर बने सैकड़ों भवन, फैक्ट्री, उद्योगों को हटाकर आवास बनाने की योजना को लेकर प्रमुख सचिव शासन भी गंभीर हो गए हैं। बुधवार को विधायक गजराज सिंह के नेतृत्व में उद्यमियों की शिकायत पर उन्होंने विशेष सचिव से आख्या उपलब्ध कराने को कहा है।
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विशेष सचिव के पीए ने एचपीडीए से आख्या के संबंध में कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है। इससे उद्यमियों और किसानों में खुशी का माहौल है। उल्लेखनीय है कि एचपीडीए दिल्ली रोड प बने भवन, उद्योग, फैक्ट्रियों को हटाकर आवासीय योजना बसाने का निर्णय लिया है।

इसके चलते करीब पांच हजार परिवार के सामने बेरोजगारी की समस्या खड़ी हो गई है। इसी के विरोध में भवन बचाओ संघर्ष समिति व आईआईए के पदाधिकारियों ने बुधवार को विधायक गजराज सिंह के नेतृत्व में उद्यमियों ने आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव सदा कांत से मुलाकात कर मदद की गुहार लगाई।
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इसके बाद उन्होंने विशेष सचिव शिव जनम चौधरी से आख्या मांगी है ताकि इस मामले की प्रमुखता से जांच की जा सके। इसके बाद उद्यमियों ने विशेष सचिव से भी मुलाकात की तो उन्होंने भी उद्यमियों को राहत दिलाने का आश्वासन दिया।

इतना ही नहीं विशेष सचिव के पीए ने एचपीडीए से आख्या के संबंध में कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है। विशेष सचिव से आईआईए के मंडल चेयरमैन अमन गुप्ता ने बताया कि प्राधिकरण किसानों की भूमि महज 800 रुपये/वर्गमीटर की दर से लेकर 12300 रुपये/वर्गमीटर की दर से दिल्ली के बिल्डरों को बेचने में जुटा है।

इस पर विशेष सचिव ने बताया कि यदि किसान, उद्यमियों की जमीन पांच वर्ष के अंदर अवार्ड हुई है तो नियम के तहत प्राधिकरण को आज के रेट का पांच गुना मुआवजा किसान, उद्यमियों को उपलब्ध कराना होगा। इससे दिल्ली रोड के किसानों को बड़ी राहत मिलती नजर आ रही है।

बहरहाल शासन स्तर पर उद्यमी, किसानों की समस्या को गंभीरता से लिए जाने से एचपीडीए की योजना से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली है। लखनऊ जाने वालों में विधायक गजराज सिंह, अमन गुप्ता, मुकेश जैन, कुणाल जैन आदि मौजूद रहे।
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