संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। तापमान गिरने के साथ ही बुजुर्गों में सांस फूलने के साथ ही शरीर में इंफेक्शन बढ़ रहा है। सीबीसी जांच के दौरान इन मरीजों में टीएलसी स्तर काफी बढ़ा दिख रहा है। 60 साल से अधिक उम्र वाले बुजुर्गों में समस्या अधिक है। जन आरोग्य मेलों में भी रविवार को ऐसे 50 से ज्यादा मरीज आए। जबकि जिलेभर में लगे शिविरों में 1900 से ज्यादा मरीज उपचार कराने पहुंचे।
सीएमओ डॉ.सुनील त्यागी ने बताया कि कमजोर प्रतिरोधक क्षमता, प्रदूषण का बढ़ता स्तर और तापमान में गिरावट से बुजुर्गों का स्वास्थ प्रभावित हो रहा है। बढ़ती ठंड व वायु गुणवत्ता दोनों के प्रभाव से दम फूलने की समस्या हो रही है। इसलिए बुजुर्ग व जिनका इम्युनिटी कमजोर है वह तेजी से चपेट में आ रहे हैं।
सीओपीडी से सर्वाधिक परेशानी पुराने रोगियों को होती है। सर्दी के प्रति लापरवाही बरतने से यह समस्या बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि बुजुर्ग अपनी दिनचर्या में बदलाव न करके इस रोग की चपेट में आ रहे हैं। मौसम को देखते हुए अल सुबह उठकर टहलने के अलावा व्यायाम करते हैं तो समय परिवर्तित करें।
साथ ही व्यायाम करते समय गर्म कपड़े जरूर पहनें। ऐसा करने के साथ ही सांस के रोगी नियमित दवा लेते रहें। सांस की परेशानी के साथ ही खांसी व गले में खराश की समस्या को हल्के में न लें क्योंकि हवा में नमी व धूल के कण बढऩे से एलर्जी की समस्या भी हो सकती है।
जिलेभर में 19 स्थानों पर लगे जन आरोग्य मेलों में रविवार को 1900 से अधिक मरीज पहुंचे। इनमें बुखार, जुकाम, खांसी के सर्वाधिक 650 मरीज रहे। त्वचा रोग, नेत्र रोग और पेट में समस्या वाले मरीजों की संख्या 223 रही। नियमित जांच के लिए गर्भवती महिलाएं भी अस्पताल पहुंची।