हापुड़। स्वर्ग आश्रम रोड स्थित एकेपी पीजी कॉलेज में नैतिक लिपिक पद पर पदोन्नति को लेकर खींचतान शुरू हो गई है। प्रबंध समिति के सचिव ने इस प्रक्रिया को अवैधानिक करार देते हुए बताया है कि उनके द्वारा बैठक में ऐसा कोई एजेंडा ही नहीं रखा गया। वहीं, प्राचार्या ने नियमानुसार ही प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का दावा किया है, दो अगस्त को साक्षात्कार होना प्रस्तावित है।
पूर्व में भी पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू की गई थी, उस समय प्रबंध समिति के सचिव योगेंद्र कुमार मुन्नू ने आरोप लगाया था कि उनके फर्जी हस्ताक्षर कर अनुज्ञा मांगी गई है। उच्चस्तर तक शिकायत होने पर यह प्रक्रिया विवादों में घिर गई। हालांकि अब कोर्ट के आदेश का हवाला देकर फिर से पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू कराई जा रही है। इसके लिए दो अगस्त को साक्षात्कार की तिथि निर्धारित की गई है। कमेटी भी गठित हो चुकी है। लेकिन फिर से इस प्रक्रिया में धांधली के आरोप प्रत्यारोप शुरू हो गए हैं। प्रबंध समिति के सचिव योगेंद्र कुमार मुन्नु ने बताया कि पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू करने के दौरान सबसे पहले आवेदन सचिव के पास आता है, प्रबंध समिति की बैठक में सचिव इस संबंध में एजेंडा रखता है, प्रबंध समिति इस पर निर्णय लेती है। लेकिन उनकी उपस्थिति में ऐसा कोई एजेंडा ही नहीं रखा गया और न ही उनके माध्यम से उच्च शिक्षा अधिकारी के पास पदोन्नति संंबंधी फाइल भेजी गई। फिर कैसे यह प्रक्रिया शुरू हो गई, उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के खिलाफ शिकायत करेंगे, जरूरत पड़ी तो कोर्ट भी जाएंगे। उन्होंने बताया कि कॉलेज के एक कर्मचारी पर एक शिक्षिका को एनओसी के नाम पर पांच लाख रुपये वसूलने का आरोप है, फिर भी नरमी बरती जा रही है।
नियमानुसार हो रही पदोन्नति की प्रक्रिया-
पदोन्नति की प्रक्रिया नियमानुसार ही चल रही है, दो अगस्त को साक्षात्कार होना है। कोर्ट के आदेशानुसार प्रक्रिया को पूर्ण कराने के लिए प्रबंधन प्रमुख, डीआईओएस, सेवा योजन अधिकारी, प्राचार्या को शामिल कर कमेटी का गठन भी हो चुका है। इस तरह के लगाए गए आरोप निराधार हैं।प्रो.साधना तोमर, प्राचार्या एकेपी पीजी कॉलेज।