संवाद न्यूज एजेंसी
गढ़मुक्तेश्वर। शरद पूर्णिमा पर चंद्रग्रहण के कारण शनिवार शाम चार बजकर दो मिनट से सूतक काल आरंभ होने पर गंगा स्नान समेत मंदिरों में पूजा-पाठ व अन्य धार्मिक कार्य रुक गए थे। ग्रहण की समाप्ति पर मंदिरों समेत गंगा तट और आसपास के क्षेत्र में सफाई की गई।
ग्रहण के बाद अगले दिन रविवार सुबह भी दिल्ली, हरियाणा समेत अन्य प्रदेशों समेत आसपास के जनपदों के करीब एक लाख श्रद्धालु गंगानगरी ब्रजघाट पहुंचे। इसके अलावा अधिकांश स्थानीय भक्त लठीरा के कच्चे घाट समेत पुष्पावती पूठ के घाटो पर डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं ने तट पर मौजूद तीर्थ पुरोहितों से हवन कराकर उन्हें दक्षिणा भी दी। ग्रहण का मोक्ष होने के बाद लोगों ने निराश्रितों और जरूरतमंदों को कपड़ों और भोजन का भी दान दिया। मंदिरों में भी पूजा-अर्चना की गई। ग्रहण के सूतक के कारण शनिवार की शाम गंगा की संध्या आरती नहीं हो सकी। रविवार सुबह गंगा पूजन किया गया। इस दौरान तट मां गंगा के जयघोष से गूंजते रहे।