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गन्ना भुगतान को लेकर भाकियू का कलक्ट्रेट पर हल्ला बोल

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गन्ना भुगतान को लेकर भाकियू का कलेक्ट्रेट पर हल्ला बोल
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हापुड़। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने सोमवार को कलक्ट्रेट का घेराव कर धरना देते हुए हंगामा किया। किसानों के तेवर देख अधिकारी सकते में आ गए। लंबी बहस के बाद मिल प्रबंधन द्वारा 15 करोड़ के चेक गन्ना विभाग को देने और 39 करोड़ रुपये का भुगतान 20 फरवरी तक करने के लिखित आश्वासन के बाद किसान शांत हुए तथा धरना समाप्त कर दिया गया। हालांकि संगठन ने शेष भुगतान के लिए 25 फरवरी को सिंभावली चीनी मिल पर महापंचायत की घोषणा की है।
किसानों के बकाया गन्ना भुगतान की मांग को लेकर 17 जनवरी से भाकियू अराजनैतिक के पदाधिकारियों और किसानों का जिला मुख्यालय पर धरना चल रहा है। भुगतान न होने की स्थिति में सोमवार को किसानों ने महापंचायत का ऐलान किया था। लेकिन अधिकारियों ने यूनियन के पदाधिकारियों से 15 करोड़ का भुगतान करने का आश्वासन देकर महापंचायत को स्थगित करा लिया था, लेकिन धरना जारी था।
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सोमवार को धरने के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष हरपाल सिंह बिलारी ने धरना स्थल से सरकार को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि किसानों को पेमेंट कराने की जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की है। इसके बाद एसडीएम सदर सत्यप्रकाश और जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों से वार्ता की। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने स्पष्ट कहा कि वादे के अनुसार 15 करोड़ का तुरंत भुगतान किया जाए और जो 39 करोड़ की चीनी नीलाम की गई है, उसके भुगतान के लिए निश्चित तिथि बतायी जाए। लंबी बहस के बाद अधिकारियों ने 15 करोड़ रुपये का चेक गन्ना विभाग को मिलने और 20 फरवरी तक 39 करोड़ रुपये का भुगतान किये जाने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी।
हरपाल सिंह ने कहा कि सिंभावली और ब्रजनाथपुर पर अभी किसानों का करीब 300 करोड़ का बकाया है। शेष भुगतान के लिए 25 फरवरी को सिंभावली चीनी मिल पर महापंचायत होगी।
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जिला गन्ना अधिकारी ओपी सिंह ने कहा कि जिले की दोनों चीनी मिलें पिछले और इस सत्र में उत्पादित चीनी की बिक्री के बाद किसानों के बकाया का भुगतान किया जा रहा है। इस मामले में किसी प्रकार की लापरवाही न हो इसके लिए सहकारी गन्ना विकास समिति के प्रभारी सचिव को मिलों के उन खातों की नियमित पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिये गए हैं, जिनमें चीनी बिक्री की धनराशि पहुंचती है।
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