बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव लुहारी के जंगल में स्थित केमिकल फैक्ट्री में मंगलवार की रात चिमनी फटने से गैस के रिसाव से कई लोग बेहोश हो गए। गांव वालों को सांस लेने में दिक्कत महसूस हुई। आंख व नाक से पानी बहने लगा। इससे गांव में अफरातफरी मच गई।
उधर, गैस का रिसाव होने गुस्साए ग्रामीण फैक्ट्री पहुंच गए, गांव वालों को देखते ही फैक्ट्री के कर्मचारी जंगल की ओर भाग गए। सूचना मिलते ही पुलिस व प्रशासन के अफसरों ने मौके पर पहुंचकर फैक्ट्री को बंद कराया।
गांव वालों से धैर्य रखने को कहा। अधिकारियों की माने को यह पता नहीं लग पा रहा है कि फैक्ट्री की चिमनी फटने से आखिर कौन सी गैस का रिसाव हो रहा है। केमिकल फैक्ट्री की चिमनी फटने गैस रिसाव से लुहारी गांव के अलावा आसपास के कनौर, डेहरा, जखैड़ा समेत कई गांवों में दहशत फैल गई।
बदबूदार गैस रिसाव से कुछ ही देर में महिला-बच्चों समेत ग्रामीणों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। लुहारी गांव के शीशपाल की पत्नी राजवती, सुरेश की पत्नी शीला, नगमा, कल्लन के साथ ही दर्जनों ग्रामीण बेहोश हो गए।
हड़कंप मचने पर ग्राम प्रधान अय्यूब अली, पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रियपाल चौधरी, भाकियू नेता पं. गंगाशरण शर्मा और समाजसेवी राजकुमार हिंदुस्तानी ने तहसील प्रशासन और बहादुरगढ़ थाने को सूचना कर दी। उधर, गुस्साए ग्रामीणों के पहुंचने से पहले ही फैक्ट्री में काम करने वाले लोग भाग निकले।
सूचना मिलते ही एसडीएम शमशाद हुसैन, डीएसपी सतीश चंद्र पांडेय, नायब तहसीलदार एके शर्मा और इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार मौके पर पहुंच गए, जिन्होंने गैस रिसाव होने से भयभीत ग्रामीणों को संयम से काम लेने की सीख देते हुए केमिकल फैक्ट्री को बंद करा दिया है।
एसडीएम शमशाद हुसैन का कहना है कि तकनीकी खामी होने से एसीटिक एसिड गैस का रिसाव हो रहा था, जिसे बंद कराने के साथ ही फैक्ट्री बंद कराकर पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। वहीं, फैक्ट्री संचालक अमित कुमार से बातचीत करने की काफी कोशिश की गई, लेकिन उनका मोबाइल बंद मिला।