गढ़ में पहली बार महर्षि कश्यप जयंती मनाई गई। इसमें शामिल हुुए लोगों ने बुराइयों से बचकर समाज सेवा के कामों में भागीदार बनने का संकल्प लिया। गढ़ के प्राचीन मीरा रेती मैदान स्थित धर्मशाला में मंगलवार को महर्षि कश्यप की जयंती धूमधाम से मनाई गई।
इसका शुभारंभ केवट विकास समिति के अध्यक्ष राजमल केवट ने महर्षि कश्यप के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि बुराई के रास्ते से बचकर बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाएं और अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंद लोगों की मदद करें।
राष्ट्रीय निषाद एकता परिषद के जिलाध्यक्ष ताराचंद केवट ने कहा कि गढ़ में पहली बार महर्षि जयंती मनाई गई है, जिसमें सर्वसमाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इसलिए प्रतिवर्ष पांच अप्रैल को महर्षि जयंती मनाई जाएगी।
कार्यक्रम का संचालन घनश्याम निषाद ने किया। इस मौके पर नंदकिशोर निषाद, दीपक कश्यप, राजू कश्यप, कुलदीप, भूरे, ऋषिपाल निषाद, राकेश निषाद, ब्रिजेश कश्यप, नवीन, भोलू, बिरजू, शिवराज, करन भगत, रवि, प्रदीप निषाद, छोटू, राजकुमार, लता केवट, पीतम प्रधान समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।