शहर में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के नाम से धड़ल्ले से फर्जी फॉर्म बिक रहे हैं। फॉर्म में योजना के तहत सरकार की ओर से दो लाख रुपये का अनुदान मिलने की बात कही गई है। जबकि, केंद्र या राज्य सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है।
सरकारी दफ्तर में जब लोग फार्म जमा करने पहुंचे तो इस बात का खुलासा हुआ। अफसर मामले में कार्रवाई की बात कह रहे हैं। गौरतलब है कि, गाजियाबाद और अन्य कई जिलों में भी इस तरह का फॉर्म बेचने का मामला सामने आया था।
जिले में अफवाह फैलाकर दुकानों में इन फार्मों की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है, जिन्हें भरकर लोग सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि फार्म बेचने के नाम पर मोटी कमाई करने वाले इस तरह के लोकलुभावन फॉर्म छपवाकर मार्केट में बेचते हैं,
जिससे उन्हें मोटा मुनाफा होता है। जानकारी नहीं होने के अभाव में लोग इनके झांसे में आ जाते हैं। सरूरपुर गांव निवासी पुष्पा, अनीता, अनम, अंजलि, कमलेश, महेंद्री, ऊषा व कविता सोमवार को नगर पालिका में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत फार्म जमा करने पहुंची।
इनका कहना था कि इन्होंने ये फार्म शहर की एक दुकान से खरीदे हैं। फॉर्म में लिखा था कि योजना के तहत बालिकाओं को शादी के समय दो लाख रुपये की सहायता राशि मिलेगी। फॉर्म भरने वाली महिलाओं को पालिका अफसरों ने बताया कि ऐसी कोई योजना नहीं है।
वहीं, सीडीओ कुणाल सिल्कू ने बताया कि फार्म पूरी तरह से फर्जी है। ऐसी कोई योजना जिले में नहीं है। दुकानों पर छापेमार कार्रवाई कर कार्रवाई की जाएगी। लोगों को बरगलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।