ब्रजघाट में बनने वाला थाना आखिर कहां गया? पुलिस ने जनपद हापुड़ के जिला बनने के बाद कानून व्यवस्था चाक चौबंद करने के उद्देश्य से इसका प्रस्ताव भेजा था। नया थाना बनने का यह प्रस्ताव कहीं फाइलों में गुम होकर रह गया है।
बता दें कि 28 सितंबर 2011 को गाजियाबाद से अलग कर हापुड़ को नया जिला बनाया था। इसका सृजन होते ही पुलिस महकमे ने हाईवे की सुरक्षा बढ़ाने और कानून-व्यवस्था को चाक चौबंद करने के मकसद से गढ़ के ब्रजघाट में नए थाने का प्रस्ताव तैयार किया था।
गढ़ पुलिस द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में गांव अल्लाबख्शपुर पर हाईवे किनारे भूमि भी चिंहित कर ली थी। गढ़ कोतवाल और ब्रजघाट चौकी इंचार्ज ने अपने प्रस्ताव में संबंधित गांवों की सूची को भी संलग्न किया था।
लेकिन चार साल बाद भी थाने कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई है। नया थाना बनने पर ब्रजघाट रिपोर्टिंग चौकी को कस्बा चौकी और पलवाड़ा में भी रिपोर्टिंग चौकी बनाई जानी थी। नए थाने में निर्धारित मानक के अनुसार 113 वर्गमील क्षेत्रफल होना आवश्यक है।
इसके लिए थाना गढ़ से 65 और बहादुरगढ़ थाने के 55 वर्गमील क्षेत्र में बसे गांवों को नए थाने में शामिल किया जाना प्रस्तावित था। नया थाना बनाने के लिए 75 हजार से अधिक आबादी होना जरूरी होती है। इसमें गढ़ की 45 और बहादुरगढ़ की 36 हजार जनसंख्या को शामिल किया गया था।
नेशनल हाईवे की मुरादाबाद-दिल्ली रूट वाली साइड नए थाने की सीमा तय की गई थी। स्याना चौपला से बुलंदशहर रोड स्थित सालारपुर गांव से घूमकर गंगा नदी तक नए थाने का सर्किल रहना था।
नए थाने में गढ़ के अल्लाबख्शपुर, बागड़पुर, गांवड़ी, नैनापुर, आलमगीरपुर, बलवापुर, भोगापुर, ब्रजघाट कस्बा, बहादुरगढ़ क्षेत्र के सालारपुर, सिकंदरपुर, चित्तौड़ा मोहिउद्दीनपुर, पलवाड़ा, पसवाड़ा, मोहम्मदपुर रुस्तमपुर आदि गांव शामिल किए गए थे।
नए थाने में तैनात होने वाली पुलिस फोर्स में एक थानाध्यक्ष, दारोगा 5, हैडमोहर्रिर 2, हैड कांस्टेबल 4, महिला कांस्टेबल 4, सिपाही 40 को तैनात किया जाना था। इसके लिए 303 की 30 राइफल, एके-47 दो, एसएलआर 10, पिस्टल दो और पांच रिवाल्वर का प्रस्ताव तैया किया गया था।
सीओ सतीश चंद्र पांडेय का कहना है कि इस विषय में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है। अब इसकी जानकारी जुटाकर फाइल को आगे बढ़ाया जाएगा। क्षेत्र और हाईवे की सुरक्षा के लिए ब्रजघाट में थाना होना अनिवार्य है।