वट सावित्री अमावस्या रविवार को है। इसकी तैयारी जोरशोर से हो रही है। ब्रजघाट में गंगा स्नान करने वालों की भारी जुटने से घाटों पर पुख्ता इंतजाम किया जा रहा है। जिला प्रशासन इसकी तैयारी में जुटा है। साथ ही जाम से बचने के लिए रूट डायवर्जन भी किया है।
वट अमावस्या के पर्व पर रविवार को ब्रजघाट गंगा में लाखों श्रद्घालु डुबकी लगाएंगे। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं। इसके चलते चहल-पहल बढ़ने के साथ ही बाजारों में दुकान सजने लगी हैं।
वहीं सैकड़ों धर्मशाला, आश्रम और मंदिर परिसरों में भक्तों का आगमन होने से रंगत बढ़ने लगी है, जिससे अमावस्या की रात में आने वाले लाखों भक्तों को खुले आकाश के नीचे रात बिताने पड़ सकती है।
प्राचीन पंचायती मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित सुरेंद्र प्रसाद शर्मा का कहना है कि वट अमावस्या पर मोक्ष दायिनी में आस्था की डुबकी लगाकर गरीब-निराश्रितों को भोजन-वस्त्र का दान करने वाले पापों से मुक्त होकर मनोवांछित फल के भागीदार बनते हैं।
पं. रमाशंकर तिवारी ने बताया कि वट अमावस्या के उपलक्ष्य में रविवार को प्रात:काल चार बजे ब्रह्म मुहूर्त में गंगा स्नान पर्व प्रारंभ होगा, जो सूर्यास्त होने तक निरंतर चलेगा।
वहीं, ब्रजघाट चौकी इंचार्ज बलबीर सिंह ने बताया कि वट अमावस्या पर तीर्थनगरी में आने वाले भक्तों के मद्देनजर नेशनल हाईवे को जाममुक्त रखने के साथ ही उनकी सुरक्षा और शांति व्यवस्था के लिए पूरी तरह चाक चौबंद प्रबंध कर लिए गए हैं।
नेशनल हाईवे पर जाम जैसी स्थिति उत्पन्न होने पर दिल्ली, गाजियाबाद, हापुड़ की तरफ जाने वाले भक्त ब्रजघाट से पलवाड़ा रोड वाया डेहरा कुटी से वैट होकर जाम से बचते हुए हाईवे पर पहुंच सकेंगे।
मेरठ, बागपत, बड़ौत, किठौर क्षेत्र के भक्त गांव अल्लाबख्शपुर के सामने से महमाई रोड होकर गढ़ कस्बे से निकलकर मेरठ रोड पर पहुंच सकेंगे। बुलंदशहर, स्याना, औरंगाबाद के भक्त ब्रजघाट वाया पलवाड़ा रोड होकर लौट सकेंगे।