दस्तोई रोड स्थित मोहल्ला आदर्शनगर कालोनी निवासी महिलाओं ने मंगलवार को नगर पालिका परिषद कार्यालय पहुंचकर ईओ का घेराव किया। महिलाओं का आरोप था कि मोहल्ले में जलभराव के साथ-साथ मूलभूत सुविधाएं भी नहीं हैं।
नगर पालिका पहुंची महिलाओं ने आरोप लगाया कि आदर्श नगर कालोनी विकास से कोसों दूर है। यहां जलभराव की समस्या कई माह से चली आ रही है। इसके लिए नगर पालिका के अधिकारियों के चक्कर लगाकर लोग थक चुके हैं।
इसके अलावा मोहल्ले में बिजली के तारों की भी समस्या है। मोहल्ले में बल्लियां लगाकर उन पर तार खींच दिए गए हैं। गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में महिलाओं ने ईओ का घेराव किया।
ईओ संजय कुमार मिश्रा ने जल्द समस्या के समाधान की बात कहते हुए महिलाओं को शांत किया। घेराव करने वालों में महेंद्र, इंद्रपाली, सीमा, रामवीर, भजनलाल, जोगी, बाबूलाल, बब्ली, मुनेश, रजनी, रेखा आदि शामिल थी।
उधर, सीवर लाइन बिछाने के दो साल बाद भी जल निगम ने तोड़ी गई सड़कों की मरम्मत नहीं करवाई है। इससे आवागमन में दिक्कत झेलने के साथ ही लोगों को दुर्घटनाओं का सामना भी करना पड़ रहा है। इससे गुस्साई महिलाओं ने पालिका-प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
गंगा एक्शन प्लान के तहत करीब छह साल पहले केंद्र सरकार ने गढ़-ब्रजघाट की गंगा में गिर रहे दूषित पानी की रोकथाम का कदम उठाया था। इसके तहत साढ़े 46 करोड़ की लागत से सीवर लाइन बिछाने के साथ ही दो ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की मंजूरी की गई थी।
ताकि दूषित पानी को प्लांटों में साफ करने के बाद ही गंगा में डाला जाए। फिलहाल इस योजना का कोई भी लाभ मिल पाना तो संभव नहीं हो पाया है, लेकिन सीवर लाइन बिछाने की दौरान तोड़ी गई सड़कों ने उनकी मुसीबत और बढ़ा दी है।
मंगलवार को मोहल्ला राजीव नगर की महिलाओं ने पालिका प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। बताया कि मोहल्ले में सीवर लाइन बिछने के दो सील बाद भी ठेकेदार ने सड़कों की मरम्मत नहीं करवाई है।
इससे लोगों को जर्जर सड़कों पर हो गड्ढों से हादसों का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शन करने वाले ओमवती मिश्रा, कुसुम त्यागी, सर्वेंश त्यागी, शशि कुमारी, पूजा, शोभा, काजल, रेनू शामिल रहीं।
पालिका ईओ पूर्णिमा का कहना है कि सीवर लाइन बिछाने के दौरान तोड़ी गईं सड़कों की मरम्मत का जिम्मा तीन सालों तक जल निगम के सुपुर्द रहता है। इसके लिए ठेकेदार को लिखा जा चुका है। यदि जल्द ही सड़कों की मरम्मत नहीं की गई, तो ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।