हापुड़। गांव माधापुर मौज्जमपुर में आबादी के मानक को दरकिनार कर तीसरी आशा की नियुक्ति का आरोप लगा है। विभिन्न समूह से जुड़कर गबन करने वाली कार्यकर्ता को ही आशा पद पर नियुक्त करने का आरोप लगाते हुए सीएमओ से कार्रवाई की मांग की गई है। सीएचसी अधीक्षक ने इन आरोपों को निराधार बताया है।
माधापुर निवासी चतरसैन गोस्वामी ने सीएमओ को सौंपे पत्र में बताया कि गांव की आबादी 2350 है। गाइडलाइन के अनुसार इतनी आबादी पर दो आशाएं ही नियुक्त की जा सकती हैं लेकिन नियमों को दरकिनार कर तीसरी आशा की नियुक्ति भी कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि समूह से जुड़कर भी उक्त आशा ने लाखों रुपये का गबन किया है। खंड विकास अधिकारी द्वारा कराई जांच में इसका खुलासा हुआ। शिकायतकर्ता ने मामले की निष्पक्ष जांच कर, नियुक्ति करने वालों पर कार्रवाई की मांग उठाई है।
सीएचसी सिखैड़ा के अधीक्षक रविंद्र ने बताया कि गांव की जनसंख्या 2011 में 2437 थी, इस गांव का एक माजरा है डहरिया, जिसकी जनसंख्या 500 से अधिक है। नियमों में स्पष्ट है कि गांव के साथ उनके माजरे भी शामिल किए जाएं, इसी आधार पर तीसरी आशा की नियुक्ति की गई है, सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं।