हापुड़ । मेरठ राेड स्थित एआरटीओ (उपसंभागीय कार्यालय) कार्यालय पर शुक्रवार को एडीएम और एसडीएम सदर ने छापा मारा। इस दौरान कार्यालय के बाहर खुली दलालों की दुकानों के शटर बंद हो गए और सभी भाग गए। यहां तक कि कार्यालय में काम करने वाले निजी कर्मचारी तक फरार हो गए। लगभग एक घंटे तक दोनों कार्यालय में रहे, लेकिन कोई बाहरी व दलाल उनके हाथ नहीं लग सका।
शासन के के निर्देश पर सुबह प्रशासन के अधिकारियों ने एआरटीओ कार्यालय की तरफ दौड़ लगाई। एडीएम संदीप सिंह और एसडीएम सदर शुभम श्रीवास्तव कार्यालय में पहुंचे। जहां दोनों ने कार्यालय में घुसते ही कर्मचारियों के कमरों में जाकर देखा, लेकिन दोनों अधिकारियों की गाड़ी कार्यालय के बाहर देखते ही निजी रूप से काम कर रहे कर्मचारी दूसरे दरवाजों से बाहर निकल गए। छापे की सूचना पर कार्यालय के बाहर खुली दलालों की दुकानें के शटर गिर गए। कुछ दुकानें बंद करके चले गए तो कुछ ने स्वयं को दुकानों के अंदर ही बंद कर लिया। बाहरी व्यक्ति भी कार्यालय के दूसरे दरवाजों से बाहर आ गए। जब तक दोनों अधिकारियों ने उपस्थिति रजिस्टर की जांच की। तब तक दलाल गायब हो गए। हालांकि, एआरटीओ प्रशासन छवि सिंह और अन्य सभी कर्मचारी मौके पर मौजूद मिले। जिनसे अधिकारियों ने कार्यालय से संबंधित कुछ सवाल जरूर किए। वहीं, चर्चा है कि कार्यालय में छापे की सूचना लीक भी हो गई थी।
दूर खड़े छिपकर देखते रहे दलाल
छापामार कार्रवाई के दौरान दलाल दुकान बंद कर कार्यालय से कम से कम सौ मीटर की दूरी पर चले गए। कोई गाड़ी के पीछे छिप गया तो कोई दूर खड़ा अधिकारियों की कार्रवाई पर नजर रख रहा था। शाम तक भी कार्रवाई के डर से दुकानें नहीं खुली।
कार्यालय में तय हैं सभी कामों के दाम
स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर नई व पुरानी गाड़ी के पंजीयन, फिटनेस प्रमाण-पत्र, जुर्माने की धनराशि को कम करने सहित अन्य सभी कार्यों के लिए कुछ कर्मचारियों ने दाम पहले से ही तय किए हुए हैं। फाइल पर हस्ताक्षर दाम देने के बाद ही होने के कई बार आरोप भी लग चुके हैं।
कोट -
उच्च अधिकारियों के निर्देश पर सुबह के समय एआरटीओ कार्यालय का निरीक्षण किया था। जिसमें सभी अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति सही मिली। सभी मौके पर मौजूद भी थे। कार्यालय के अंदर कोई बाहरी आदमी नहीं मिली है। - संदीप कुमार, एडीएम