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बाबूगढ़ थाने के पास मकान में डकैती

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हापुड़ । बाबूगढ़ थाने के पास सोमवार रात असलहों से लैस दर्जनभर लुटेरों ने धावा बोल दिया। परिजनों को गन प्वाइंट पर लेकर उनके हाथ-पैर बांध दिए और भूसे के कमरे में डाल दिया। िफर नगदी-जेवर समेटा और भाग निकले। पुलिस को कोई फोन न कर सके इसलिए लुटेरों ने घर में घुसते ही मोबाइल तोड़ डाले। पीड़ित ने सुबह मामले की जानकारी पुलिस को दी लेकिन पुलिस इसे चोरी बता रही है। देर शाम तक इस मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी।
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बाबूगढ़ निवासी अलवर सिंह पुत्र करन सिंह बाबूगढ़ थाने के बराबर में मकान में परिवार सहित रहता है। सोमवार रात अलवर परिवार के साथ सो रहेेे थे। तभी रात करीब 12 बजे एक दर्जन से अधिक सशस्त्र बदमाश दीवार फांदकर मकान में घुस आए। बदमाशों ने अलवर सिंह व उसकी पत्नी विमला देवी, पुत्र संजय व पुत्रवधू अनीता व पोता सूरजन व पोती तन्नु को गन प्वाइंट पर ले लिया। इस दौरान अनीता को एक माह की जच्चा देख उसे वहीं छोड़ दिया और उसे शोर मचाने पर गोली मारने की धमकी दी। बदमाशों ने सबको रस्सी से बांधकर भूसे के कमरे में बंद कर दिया और पीड़ित के मोबाइल तोड़ दिए। बदमाशों ने संदूक का ताला तोड़ कपड़े, सोने के कुंडल, हसंली, चांदी के आभूषण व एक हजार नगदी लूट ली। फिर गोली मारने की धमकी देकर भाग गए। बदमाशों के जाने पर अनीता ने कमरे का दरवाजा खोला और शोर मचाया। जिसके बाद पीड़ित परिवार अपने साथ हुई वारदात की तहरीर देने के लिए थाने पहुंचा। लेकिन पुलिस ने तहरीर लेने के बजाय पीड़ित परिवार को बरगलाना शुरू कर दिया। दोपहर तक इस मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हो सकी थी। बाबूगढ़ एसओ संजय पाचांल का कहना है कि तहरीर के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रथम दृष्टया मामला चोरी का प्रतीत हो रहा है।

प्रसूता को नहीं बनाया बंधक
वारदात के दौरान लुटेरों ने सभी परिजनों को गनप्वाइंट पर लेकर उनके हाथ-पैर बांध दिए लेकिन अनीता को उन्होंने धमकाकर खुला छोड़ दिया ।ऐसा उन्होंने उसकी गोद में एक महीने के बच्चे को देखकर दिया। लूटपाट के बाद बदमाश भाग गए तो अनीता ने किसी तरह दरवाजा खोलकर शोर मचाया जिस पर पहुंचे आसपास के लोगों ने परिजनों को मुक्त कराया।
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