हापुड़। अदालत की अवमानना का मुकदमा झेल रहे हापुड़ बार एसोसिएशन के सदस्य 14 अधिवक्ताओं को गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बरी कर दिया। साथ ही चेतावनी दी कि अगले 6 माह तक सभी वकील अपना आचरण ठीक रखें।
उल्लेखनीय है कि छह माह पहले तैनाती के दौरान सिविल जज सरला रानी का बार एसोसिएशन के सदस्यों से मामूली बात को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद बार एसोसिएशन ने कई दिन तक हड़ताल रखी थी। बाद में तत्कालीन जिला जज गाजियाबाद और वहां के प्रमुख अधिवक्ता राकेश त्यागी आदि के हस्तक्षेप से मामला निपट गया था। इसी विवाद के चलते सरला रानी का आनन फानन तबादला कर दिया गया था लेकिन तबादले से पूर्व ही वह इस मामले की हाईकोर्ट में शिकायत कर चुकी थीं।
हाईकोर्ट में अधिवक्ताओं के पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता प्रतीक त्यागी ने बताया कि हाईकोर्ट ने इस मामले को संज्ञान में लिया । जिसके बाद आरोपी धर्मपालसिंह तोमर, भोपाल सिंह शिशोदिया, अनिल आजाद, चौधरी केपी सिंह, रवीन्द्र शर्मा, ओमदत त्यागी, गजेन्द्र चौहान, वीरेन्द्र त्यागी, चौधरी जयवीरसिंह, जमीर अहमद, शाहिद हुसैन, जाबिद आलम,नरेन्द्र सिंह मान और प्रमोद चौधरी को तलब किया और तारीख लगाई। मामले की गुरुवार को डबल बैंच के न्यायाधीश रवीन्द्र सिंह और ए के शर्मा की अदालत में सुनवाई हुई। अधिवक्ताओं की ओर से हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता बीपी श्रीवास्तव और प्रतीक त्यागी ने पैरवी की। कोर्ट ने सुनवाई के बाद सभी अधिवक्ताओं को बरी कर दिया। हापुड़ निवासी प्रतीक त्यागी उत्तर प्रदेश बार कौंसिल के सचिव पीएन त्यागी के पुत्र हैं।