गढ़मुक्तेश्वर। गांव दौताई में शुक्रवार रात रजवाहे की पटरी टूटने से जंगल में लबालब पानी भरने से कटी हुई गेहूं की फसल तबाह हो गई। सुबह होते-होते आबादी में भी पानी घुस गया। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग को सूचना देकर रजवाहे का पानी रुकवा दिया है।
पीड़ित किसानों ने जलभराव से हुए नुकसान का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की ह्रै। इन ग्रामीणों राहत, जुल्फेकार, फिरासत, वाहिद, फरियाद, आंसू, जाहिद, मौहमम्द अलवी, आसमौहम्मद, इमरान, लुकमान, ताहिर, रिजवान, हसरत के घर में पानी भर गया। इसके अलावा शराफत, जाहिद, गफ्फार, दिलशाद, शमशाद, साजिद, हाजी इकराम, बुद्धू, इखलाक, हाफिज इश्तयाक, रिजवान, बबलू मुनाजिम आदि के खेतों में पानी भरने से फसल तबाह हो गई है।
ग्रामीणों इशरार, साजिद मूछ, सलीम, अब्दुल कादिर का कहना है कि प्रत्येक वर्ष ये रजवाहा दो या तीन बार टूट जाता है जिससे फसलों का काफी नुकसान होता है जबकि आबादी में लोगों को रोगों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने पटरी का पक्का निर्माण कराए जाने की मांग की है।