विद्युत निगम ने जिले के शहर और देहात क्षेत्र को रोशन करने के लिए दीनदयाल विद्युतीकरण व आरएपीडीआरपी योजना के तहत 197 करोड़ की दो महत्वाकांक्षी योजनाओं को शुरू किया है। साथ ही विद्युतीकरण कार्य की मॉनीटरिंग के लिए एक संस्था का भी गठन किया गया है।
यह संस्था योजनाओं में अनियमितता पर लगाम कसेगी। दरअसल, केंद्र व प्रदेश सरकार देश-प्रदेश के गली-मोहल्लों तक बिजली पहुंचाने के लिए प्रयासरत है। इसके तहत विद्युत निगम शहर में 46 करोड़ रुपये की आरएपीडीआरपी योजना से जर्जर तार,
सैकड़ों ट्रांसफार्मर लगाकर ओवर लोडिंग की समस्या से काफी हद तक निजात दिला चुका है। इससे पहले देहात के हर कोने में विद्युतीकरण के लिए राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना शुरू की गई थी।
इस योजना के तहत करीब 302 गांवों में जर्जर तारों का कायाकल्प किया जा चुका है। अब सरकार ने शहरी क्षेत्र में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए 42.39 करोड़ रुपये की आईपीडीएस योजना व देहात को रोशन करने के लिए 154.10 करोड़ की दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना की शुरुआत की है।
अब से पूर्व हुए विद्युतीकरण के विकास कार्यों में कई बार अनियमितता पाई गई थी। इस समस्या से निजात के लिए प्रदेश सरकार ने सीधे विद्युतीकरण के कार्यों की मॉनीटरिंग के लिए आरईसीपीडीसीएल संस्था को नामित किया है। इस संस्था ने सर्वे का काम भी शुरू कर दिया है।
अधीक्षण अभियंता भूदेव प्रसाद का कहना है कि सरकार की मंशा जिले को निर्बाध बिजली आपूर्ति कराना है। इसी क्रम में यह योजना लागू की गई हैं। इन योजनाओं के तहत बिजली व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा सकेगा।