जिले के लोगों पर स्वाइन फ्लू का खतरा
हापुड़। जिले की 14 लाख आबादी के स्वास्थ्य पर स्वाइन फ्लू का खतरा मंडराने लगा है। हापुड़ से सटे जिला मेरठ में 27 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है, साथ ही एक मौत भी हुई है। हापुड़ से हजारों की संख्या में लोग नौकरी करने मेरठ जाते हैं, ऐसे में कभी भी स्वाइन फ्लू का वायरस हापुड़ के लोगों पर कहर बरपा सकता है। स्वास्थ्य विभाग के पास इसकी जांच के कोई संसाधन उपलब्ध नहीं है। सिर्फ टैमी फ्लू दवा के सहारे ही स्वास्थ्य विभाग इस रोग से जंग लड़ने की तैयारी में है।
सर्दी के मौसम में स्वाइन फ्लू का वायरस तेजी से सक्रिय हो जाता है। बीते दिनों पिलखुवा में एक व्यक्ति की स्वाइन फ्लू से मौत होने का मामला प्रकाश में आया था। उक्त व्यक्ति के विदेश से ही संक्रमित होकर आने की बात सामने आई थी, तब स्वास्थ्य विभाग ने जिले में स्वाइन फ्लू न फैलने की बात कही थी।
स्वाइन फ्लू का वायरस एच-1एन-1 एक से दूसरे मरीज में तेजी से फैलता है। हापुड़ का सबसे नजदीकी जिला मेरठ है। मेरठ और हापुड़ के बीच रोजाना हजारों की संख्या में छात्र, नौकरी पेशा वाले लोग, उद्यमी आते-जाते हैं।
मेरठ में स्वाइन फ्लू का वायरस तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। आंकड़ों पर गौर करें तो मेरठ में अभी तक 27 मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हो चुकी है, साथ ही एक व्यक्ति की मौत भी इस रोग के कारण हो चुकी है। मुख्य बात यह है कि यदि हापुड़ में भी यह वायरस फैला तो उस पर लगाम कसना मुश्किल हो जाएगा। क्योंकि जिले में स्वाइन फ्लू से निजात पाने के कोई संशाधन उपलब्ध नहीं है। संदिग्धता के आधार पर ही मरीज का उपचार किया जा सकता है। जांच के लिए न तो लैब की व्यवस्था है न ही अस्पतालों में अभी तक स्पेशल वार्ड तैयार किए गए हैं। हालांकि अफसर टैमी फ्लू पर्याप्त मात्रा में होने का दावा कर रहे हैं।
इन बीमारियों से पीड़ित मरीज बरते सावधानी
शुगर, हार्ट, कैंसर, अस्थमा व किडनी के मरीज स्वाइन फ्लू को लेकर सावधानी बरतें। क्योंकि इन रोगियों की प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण स्वाइन फ्लू का वायरस तेजी से अपना असर करता है।
गर्भवती महिला, बुजुर्गों के लिए खतरनाक
स्वाइन फ्लू का वायरस गर्भवती महिला, बुजुर्गों के लिए काफी खतरनाक है। इसलिए इस तबके के लोग सावधान रहें।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
*कई दिन तक बुखार का बना रहना।
*गले में दर्द रहना, सांस लेने में समस्या होना।
*सर्दी, जुकाम, छींक, सांस फूलने व हल्की खांसी के लक्षण भी मुख्य हैं।
बचाव के तरीके
*भीड़-भाड़ वाले इलाकों से दूर रहें।
*संक्रमित लोगों से दूरी बनाकर रखें।
*मुंह पर मास्क लगाएं, समस्या होने पर चिकित्सक से सलाह लें।
*हाथ न मिलाएं, समय-समय पर साबुन से हाथ धोते रहें।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा.राजवीर सिंह का कहना है कि फिलहाल जिले में स्वाइन फ्लू का कोई मरीज नहीं मिला है। पर्याप्त दवा उपलब्ध है, डिप्टी सीएमओ डा.जयप्रकाश त्यागी के नेतृत्व में टीम इस रोग पर नजर रख रही है।
-हापुड़ से सटे जिला मेरठ में 27 मरीजों में हो चुकी है पुष्टि, एक की मौत
-हापुड़ से नौकरी करने हजारों लोग जाते हैं मेरठ, कभी भी आ सकता है वायरस
-जिले में स्वाइन फ्लू से बचाव को स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं पर्याप्त संशाधन