राठ। हिजाब पर कर्नाटक हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद मुस्लिम छात्राओं में कई तरह की चर्चा होती रही। हाईकोर्ट ने कहा है कि छात्र स्कूल में यूनिफार्म पहनने से इनकार नहीं कर सकते। हिजाब इस्लाम के धार्मिक व्यवहार का हिस्सा नहीं है। छात्राओं का कहना है पर्दे में गलत लोगों की नजर से महफूज रहती हैं।
कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले पर राठ कस्बा निवासी बीए की छात्रा सनोबर अली ने कहा की इस्लाम में हिजाब बेहद जरूरी है। पर्देदारी इस्लाम की खूबसूरती है। खुद को हिजाब में ढंक कर महफूज रखना गलत नहीं है।
बीए की छात्रा सना सिद्दीकी ने कहा की हर मुस्लिम खातूनों को इस्लाम में पर्देदारी का हुकुम का जिक्र कुरआन पाक में किया गया है। पर्दे में बेटियां गलत लोगों की नजर से महफूज रहतीं हैं।