हमीरपुर। सूखा व दैवी आपदा से प्रभावित बुंदेलखंड में बलिनी मिल्क कंपनी ने दुग्ध व्यवसाय शुरू कराकर इसे एक नई दिशा दी है। अभी तक पशुपालकों को दूध का वाजिब दाम नहीं मिल पाता था। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से इसकी शुरुआत वर्ष 2020-21 में की गई। पिछले दो वर्षों में कंपनी ने बुंदेलखंड के पांच जिलों के 600 गांवों में अपने दूध कलेक्शन सेंटर खोले हैं। इनमें 34 हजार महिला सदस्य दुग्ध व्यवसाय कर रहीं हैं।
बुंदेलखंड के झांसी, जालौन, बांदा, चित्रकूट व हमीरपुर में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका से बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी चलाई जा रही है। इसमें प्रतिदिन एक लाख 20 हजार लीटर दूध एकत्र किया जा रहा है। कंपनी सदस्यों को कृत्रिम गर्भाधान, हरे चारे की व्यवस्था व पशु आहार आदि सुविधाएं भी मुहैया करा रही है। पिछले दो वर्षों में बलिनी मिल्क ने 174 करोड़ का व्यापार कर बुंदेलखंड को एक नई दिशा देने का काम किया है। वहीं वर्ष 2022-23 तक एक हजार गांवों को जोड़े जाने का लक्ष्य रखा गया है। (संवाद)