लोगो = अदालत से =
= 30 हजार का अर्थदंड लगाया, पीड़ित पक्ष को 25 हजार रुपये प्रतिकर देने का आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। बच्चे की गर्दन पर धारदार हंसिया से वार कर हत्या के प्रयास मामले में एससीएसटी एक्ट कोर्ट के विशेष न्यायाधीश रनवीर सिंह ने शुक्रवार को फैसला सुनाया है। आरोपी महिला को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसी के साथ 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। पीड़ित पक्ष को 25 हजार रुपये प्रतिकर दिए जाने का भी आदेश किया है।
जानकारी के अनुसार राठ के मुहल्ला अतरौलिया निवासी महताब ने एक मई 2024 को पुलिस को सूचना देकर बताया था कि उसका करीब 10 वर्षीय बेटा शिवम उसके साथ किराये के मकान में रहता था। पड़ोस में कस्तूरी प्रजापति पत्नी विनोद प्रजापति निवासी कोठा, थाना मझगवां किराये पर रहती थी। दोनों परिवारों के बीच आना-जाना था।
आरोप था कि कस्तूरी किसी बात को लेकर नाराज थी। एक मई 2024 की दोपहर करीब 1:30 बजे उसने शिवम को अपने घर बुलाया। आरोप है कि जान से मारने की नीयत से धारदार हंसिया से उसकी गर्दन पर वार कर दिया। गंभीर रूप से घायल बच्चे को मरा समझकर आरोपी महिला मौके से फरार हो गई। मामले में पुलिस ने कस्तूरी प्रजापति के खिलाफ हत्या के प्रयास समेत एससी/एसटी एक्ट की धाराओं में आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। न्यायाधीश ने गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया।