भरुआसुमेरपुर। विदोखर में दाता सांई आश्रम में बुंदेलखंड स्तरीय तीन दिवसीय दाता सम्मेलन का मंगलवार को समापन हो गया। संतों ने निर्गुण निराकार ब्रह्म की उपासना करने का संदेश दिया।
संतों ने कहा कि जब तक शरीर में जीव है, तब तक ही इसका महत्व है। शरीर में जीवात्मा ही चेतन व परमतत्व है। उसकी पूजा करने से ही मानव का कल्याण होगा। निराकार की उपासना से मन इधर-उधर नहीं भटकता है। कबीरी भजन भी हुए। विशाल सांई भोपाल, राज सांई कोइलाहा, ब्रह्म सांई कुलपहाड़, सजीवन सांई उर्दना, लालसांई इंगोहटा, दरियाव सांई, रतन सांई, सत्संगी सांई, लोकमन सांई, अंशू सांई, बीना सांई, भरपूर सांई, किशोर सांई, दिलपाक सांई सहित कई दाता संत शामिल हुए। संचालन यशवंत कर्णधार ने किया।