विकासखंड क्षेत्र के खैर गांव के डेरा निवासी बाल्मीकि समाज के एक परिवार को कुएं से पानी नहीं मिल पा रहा है। शिकायत पर थानाध्यक्ष सिसोलर डेरा ने लोगों को फटकार भी लगाई लेकिन इसका असर नहीं हुआ। पानी न मिलने से परिवार परेशान है। पीड़ित का कहना है कि प्रशासन भी सुनवाई नहीं कर रहा है।
गांव के देवीदीन पुत्र सधवा ने बताया कि केन नदी के बीहड़ वाले गांव खैर का डेरा में ज्यादातर निषाद व यादव बिरादरी के लोग रहते हैं। जबकि गांव में उसका बाल्मीकि समाज का अकेला परिवार है। उसकी वृद्ध मां, बहन और बच्चे गांव में बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं।
एक दिन कुएं के पास किसी के न होने पर उसकी बहन पानी भरने लगी तो वहां पहुंचे कुछ लोगों ने उसे वहां से भगा दिया। इसकी सूचना उसने सिसोलर थाने में की तो वहां से पुलिस आई। लोगों को डांट डपट कर पानी भरने का विश्वास देकर चली गई। मगर उसे पानी भरने नहीं दिया गया। इस मामले को वह प्रशासन तक ले गया, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई।