मुस्करा (हमीरपुर)। विधानसभा चुनाव में स्थानीय मुद्दे मुखर होने लगे हैं। अब चुनाव की डुगडुगी बजते ही मतदाताओं ने एक बार फिर ग्राम पंचायत को नगर पंचायत बनाए जाने का मुद्दा उछाल कर उसमें जान फूंक दी है। यहां के युवा, बुजुर्ग एवं महिला मतदाताओं का कहना है कि जो भी उनकी भावनाओं का सम्मान करेगा, हम सभी लोग एकजुट होकर उसी के लिए मतदान करेंगे। ग्राम पंचायत की आबादी 25 हजार से अधिक है और यहां के मतदाताओं की संख्या लगभग 11 हजार के आसपास है। पिछले 2017 में हुए विधानसभा चुनावों में भी यह मुद्दा सरगर्मी से उछाला गया था।
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अभिषेक तिवारी जनसेवक का कहना है कि वह कई वर्ष से ग्राम पंचायत को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। लगातार पत्राचार कर रहे हैं। एक बार प्रशासन के माध्यम से नगर विकास अनुभाग लखनऊ को पत्र भेजा जा चुका है।
व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष शैलेंद्र अग्रवाल का कहना है कि कस्बे को नगर पंचायत बनाए जाने की मांग पिछले कई वर्षों से की जा रही है। लेकिन राजनीतिक दलों की उपेक्षा के चलते यह मांग पूरी नहीं हो सकी है।
कस्बा निवासी सौरभ शुक्ला का कहना है कि कस्बे की उपेक्षा प्रत्येक राजनीतिक दल द्वारा की गई है। पिछले तीन पंचवर्षीय से क्षेत्र में अलग-अलग राजनीतिक दलों से विधायक चुने गए। किसी ने भी कस्बे के विकास की ओर प्राथमिकता नहीं दी है।
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शुक्ला मोहल्ला निवासी बुजुर्ग 70 वर्षीय नंहू दुबे ने कहा कि वर्षों से ग्राम पंचायत को नगर पंचायत का दर्जा दिलाए जाने की लड़ाई लड़ी जाती रही है। विधानसभा चुनावों में नेताओं द्वारा वादे भी किए गए। किंतु पूरा किसी ने नहीं किया है।
कस्बा निवासी अनूप दीक्षित का कहना है कि इस बार उसी राजनीतिक दल को वोट करेंगे जो कस्बे को नगर पंचायत का दर्जा दिलाने की सामूहिक शपथ लेगा। कहा कि कस्बे में सभी संसाधन होने के बावजूद ग्राम पंचायत होना बड़े ही दुर्भाग्य की बात है।
नन्हू दुबे।- फोटो : HAMIRPUR
अभिषेक तिवारी।- फोटो : HAMIRPUR
शैलेंद्र कुमार।- फोटो : HAMIRPUR
अनूप दीक्षित।- फोटो : HAMIRPUR