फोटो 31 एचएएमपी 21- ग्रामीण और राहगीर नाव के सहारे नदी पार करते हुए। संवाद
बिलगांव में आठ दिन से रपटे के ऊपर पानी, बिना लाइफ जैकेट नाव से नदी पार कर रहे लोग
भुजपुर-कुपरा के बीच रपटा बहा, कुपरा-छानी मार्ग के आधा दर्जन से अधिक गांव प्रभावित
लंबा चक्कर बचाने के लिए बाइक सवार नाव का ले रहे सहारा
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर/सरीला । विरमा नदी में बढ़े पानी से रपटों पर आवागमन की समस्या बनी हुई है। सरीला ब्लॉक और मुस्करा के बीच विरमा नदी पर बने बिलगांव रपटे के ऊपर करीब आठ दिन से पानी बह रहा है। इससे दो दर्जन से अधिक गांवों का संपर्क प्रभावित है।
रास्ता बंद होने के कारण ग्रामीण और राहगीर नाव के सहारे नदी पार कर रहे हैं। मौके की पड़ताल में दो नावों से बाइक सवारों और राहगीरों को नदी पार कराया जाता मिला। कई यात्री बिना लाइफ जैकेट के नाव में बैठे नजर आए। रपटा डूबने से ग्रामीणों को धौहल-बिवांर होकर मुस्करा जाना पड़ रहा है। दूरी बचाने के लिए बाइक सवार नाव से नदी पार कर रहे हैं। तेज बहाव के बीच बिना लाइफ जैकेट नाव से आवागमन हादसे का जोखिम बढ़ा रहा है। एडीएम राकेश कुमार ने बताया कि प्रशासन की ओर से नावों के लिए लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई गई हैं, लेकिन कुछ लोग उन्हें पहन नहीं रहे हैं।
रोज 1500 से 2000 लोग करते हैं आवागमन
राहगीर चंद्रपाल ने बताया कि बिलगांव रपटे से रोजाना करीब 1500 से 2000 लोग आवागमन करते हैं। सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है। बिलगांव और आसपास के गांवों के बच्चे मुस्करा पढ़ने जाते हैं, लेकिन करीब सात दिन से स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। शिवनी निवासी भूपेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि बरसात में हर साल रपटा डूब जाता है। करीब सात से 10 दिन से रपटे के ऊपर पानी बह रहा है और नाव के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है। स्थायी पुल नहीं बनने से ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ती है। उनके अनुसार विधायक मनीषा अनुरागी भी पुल बनवाने का आश्वासन दे चुकी हैं।
फोटो 31 एचएएमपी 22- भुजपुर कुपरा के मध्य बना रपटा पानी के बहाव में बहा। संवाद
भुजपुर-कुपरा में रपटा बहा, आवागमन बाधित
पौथिया। ललपुरा थाना क्षेत्र में भुजपुर और कुपरा गांव के बीच विरमा नदी पर बना रपटा तेज बहाव में बह गया। करीब 15 वर्ष पुराने रपटे के बहने से कुपरा-छानी मार्ग के आधा दर्जन से अधिक गांवों का आवागमन प्रभावित है। छानी, स्वासा, रुरीपारा, अचपुरा, बहदीना, डाडीपुर और टीकापुर समेत कई गांवों के ग्रामीणों को अब लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा। ग्रामीणों ने रपटा जल्द बनवाने की मांग की है।
शिवनी में मजरा पानी से घिरा, नाव से कराया खाली
शिवनी गांव में विरमा नदी का पानी बढ़ने से ग्राम प्रधान प्रतिनिधि देवबचन सिंह यादव का बगिया डेरा चारों तरफ से पानी से घिर गया। मौदहा से पहुंचे नायब तहसीलदार सत्यप्रकाश ने नाव के जरिए मजरे को खाली कराया। प्रभावित लोगों के खाने-पीने की व्यवस्था शिवनी पंचायत भवन में की गई। 50 से अधिक पशुओं को भी सुरक्षित करने की व्यवस्था की गई।
फोटो 31 एचएएमपी 25- कनेरा में बाढ़ प्रभावित परिवार को राहत सामग्री किट वितरित करतीं विधायक व सडीएम। संवाद
कनेरा में 45 परिवारों को राहत किट
सरीला। बाढ़ प्रभावित कनेरा में विधायक मनीषा अनुरागी ने एसडीएम विकास यादव की मौजूदगी में राहत सामग्री वितरित की। प्रशासन की ओर से 50 राहत किट उपलब्ध कराई गई थीं। इनमें से 45 प्रभावित परिवारों को किट बांटी गईं। प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की निगरानी जारी है।
फोटो 31 एचएएमपी 23- रूरी पारा गांव मे बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों को राहत सामग्री वितरण करते नायब तहसीलदार। संवाद
रूरीपारा में 50 परिवारों को राहत
मौदहा। रूरीपारा के गलिहामाऊ डेरा में राजस्व टीम ने 50 बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री किट वितरित की। एसडीएम कर्णवीर सिंह के अनुसार बाढ़ के दौरान शिवनी, रूरीपारा और लारौंद में नावें चलवाई गई थीं। पानी कम होने के बाद इन क्षेत्रों में आवागमन सुचारु हुआ है। बाढ़ से क्षतिग्रस्त कच्चे मकानों का सर्वे कराया जा रहा है।
फोटो 31 एचएएमपी 24- कस्बा गहरौली के क्वाट मुहाल में बारिश से गिरा मकान। संवाद
गहरौली में दो कच्चे मकान ढहे
गहरौली। लगातार बारिश के कारण सोमवार को दो कच्चे मकान गिर गए। कृष्ण कुमार द्विवेदी का मकान गिरने से गृहस्थी का सामान दब गया। उन्होंने करीब एक लाख रुपये नुकसान का दावा किया है। सोहन चौरसिया का कच्चा मकान भी ढह गया। रामसेवक कुशवाहा का मकान पानी से घिरने के बाद उन्होंने घर खाली कर भाई के यहां शरण ली। लेखपाल हिमांशु कुमार के अनुसार मंगलवार को नुकसान का सर्वे किया जाएगा।
36 बाढ़ चौकियां स्थापित
संभावित बाढ़ को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 36 बाढ़ चौकियां स्थापित की हैं। इन पर चिकित्सा टीमें तैनात हैं। ब्लॉक स्तर पर रैपिड रिस्पांस टीम सक्रिय की गई है। ओआरएस, क्लोरीन टैबलेट, जिंक, ब्लीचिंग पाउडर और एंटी स्नेक वेनम समेत जरूरी दवाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
यमुना-बेतवा खतरे के निशान से नीचे
31 अगस्त शाम छह बजे हमीरपुर में यमुना का जलस्तर 96.830 मीटर और बेतवा का 96.730 मीटर दर्ज किया गया। यमुना का खतरे का निशान 103.63 मीटर और बेतवा का 104.54 मीटर है। बेतवा का जलस्तर घट रहा है। फिलहाल दोनों नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं।
वर्जन
नावों के लिए लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई गई हैं। लोगों को जैकेट दी गई हैं, लेकिन कुछ लोग उन्हें पहन नहीं रहे हैं।
- राकेश कुमार, एडीएम
वर्जन
पांच स्थानों पर रपटों के ऊपर पानी होने के कारण आवागमन रोक दिया गया है। बिलगांव में नाव लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी लेखपालों को अलर्ट रखा गया है और जलभराव वाले स्थानों से पानी निकलवाया जा रहा है। - विकास यादव, एसडीएम सरीला
वर्जन:
विरमा नदी का पानी अब घट रहा है। मौदहा बांध से करीब पांच हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है और नौ गेट थोड़े-थोड़े खुले हैं। रपटे के ऊपर पानी कुछ समय और बह सकता है, लेकिन फिलहाल पानी बढ़ने की आशंका नहीं है। यमुना करीब सात मीटर और बेतवा करीब आठ मीटर खतरे के निशान से नीचे है। बांधों से भी फिलहाल कम मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है। बाढ़ जैसी स्थिति बनने की संभावना नहीं है। - दिनेश कुमार, अधिशासी अभियंता, मौदहा बांध निर्माण खंड, हमीरपुर
फोटो 31 एचएएमपी 21- ग्रामीण और राहगीर नाव के सहारे नदी पार करते हुए। संवाद
फोटो 31 एचएएमपी 21- ग्रामीण और राहगीर नाव के सहारे नदी पार करते हुए। संवाद
फोटो 31 एचएएमपी 21- ग्रामीण और राहगीर नाव के सहारे नदी पार करते हुए। संवाद
फोटो 31 एचएएमपी 21- ग्रामीण और राहगीर नाव के सहारे नदी पार करते हुए। संवाद