महोबा। जल जीवन मिशन के तहत जिले के कई गांवों में खोदी गईं सड़कें दुरुस्त न होने और पाइपलाइनें लीकेज होने होने की समस्या अमर उजाला में प्रमुखता से प्रकाशित होने के बाद विभागीय अधिकारी हरकत में आ गए हैं। बुधवार को अलग-अलग गांवों में क्षतिग्रस्त सड़कों व पाइपलाइनों को दुरुस्त करने का काम पूरे दिन चलता रहा। अधूरा काम पूरा होने से लोगों को नियमित पेयजल आपूर्ति होने की उम्मीद जगी है।
जिले में 1,100 करोड़ की पांच पेयजल परियोजनाएं संचालित हैं। चार परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं जबकि एक परियोजना का काम चल रहा है। जिन गांवों में परियोजनाएं पूरी हो गईं, वहां भी कई स्थानों पर पाइपलाइनें डालने के लिए खोदी गई सड़कें उखड़ी पड़ी हैं। साथ ही जगह-जगह लीकेज होने से पानी बर्बाद हो रहा है। श्रीनगर, मुढ़ारी, कनकुआं समेत कई गांवों में इस प्रकार की समस्या होने पर अमर उजाला ने अभियान चलाकर ग्रामीणों की समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिसके बाद अधिकारी हरकत में आ गए। बुधवार को अलग-अलग गांवों में दस टीमें भेजी गईं। कनकुआं गांव में कई दिन से लीकेज पाइपलाइन को दुरुस्त करने में पूरे दिन कर्मचारी जुटे रहे।
वहीं श्रीनगर में पाइपलाइन डालने के लिए खोदी गई सड़कों को दुरुस्त करने का काम चलता रहा। ग्रामीण देवीदीन, प्रमोद आदि ने बताया कि वर्षों से उखड़ी पड़ी सड़कें अब दुरुस्त की जा रही हैं। इससे आवागमन में दिक्कत नहीं होगी। उधर, जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता संदेश सिंह तोमर का कहना है कि जिस गांव में जो भी कमी है। उसे दुरुस्त कराया जा रहा है। जहां से भी शिकायतें आ रही हैं। उनका निस्तारण किया जा रहा है। कई गांवों में पूर्व में लगाई गईं टोटियां गायब हो गई हैं। जिन्हें दोबारा लगवाया जाएगा।