फोटो 26 एमएएचपी 02 परिचय-खेत में लगे पेड़ों से बैंगन तोड़ती महिला किसान चंद्रकली। संवाद
महोबा। ब्लॉक कबरई के डिगरिया गांव निवासी महिला किसान चंद्रकली ने बागवानी कर सफलता का नया अध्याय लिखा है। उन्होंने सिर्फ चार बीघा भूमि पर बागवानी कर 12 लाख रुपये की उपज हासिल की है। उनकी कामयाबी देखकर आसपास के गांव के किसान भी अब उनसे सलाह लेने के लिए आ रहे हैं।
डिगरिया निवासी चंद्रकली के पास चार बीघा जमीन है। वह रबी में गेहूं व खरीफ में मूंगफली की पैदावार करती रहीं। इसमें उन्हें सिर्फ 35-35 हजार रुपये का ही लाभ मिल पाता था। इससे परिवार का भरण-पोषण मुश्किल से होता था। उनके पति देवीचरण ऑटो चालक हैं। चंद्रकली को उद्यान विभाग की ओर से संचालित योजनाओं की जानकारी हुई। तब उन्होंने उद्यान विभाग में संपर्क किया। विभाग की ओर से उन्हें कद्दू, लौकी, बैंगन, मूली आदि की पैदावार करने की सलाह दी गई। साथ ही अच्छे पौधों की प्रजाति के बारे में बताया। इसके बाद चंद्रकली ने परंपरागत खेती छोड़ बागवानी की शुरूआत की। उन्होंने जुलाई माह में बागवानी के लिए खेतों में कद्दू, लौकी, बैंगन आदि के पौध लगाए। इसके बाद 60 दिन में फसल तैयार हो गई। अब तक वह 12 लाख की सब्जी बेच चुकी हैं। बागवानी से आर्थिक संपन्नता आई तो उनका परिवार प्रसन्न हो गया। चंद्रकली सब्जी की खेती पर पूरा ध्यान देती हैं जबकि पति देवीदीन सब्जी की बिक्री में उनकी मदद करता है। चंद्रकली का कहना है कि उसे बागवानी करने की प्रेरणा उद्यान विभाग से मिली। महिला किसान चंद्रकली की इस सफलता को देखते हुए उसे किसान दिवस पर सम्मानित भी किया गया।
उद्यान निरीक्षक देवीचरण कुशवाहा का कहना है कि चंद्रकली सब्जी की बागवानी कर रही हैं। उन्हें सब्जी की बेहतर उपज मिली है। अन्य किसानों को भी चंद्रकली से प्रेरणा लेना चाहिए। ताकि वह भी बागवानी कर लाभ कमा सकें।