हमीरपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार की अदालत ने गैंगस्टर एक्ट के दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। दोषियों को दो-दो साल के कारावास के साथ पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर एक-एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
जानकारी के अनुसार थाना मुस्करा में वर्ष 2011 में गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 1986 की धारा 2/3 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने जांच के बाद गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई के लिए शेरू उर्फ शेर मुहम्मद उर्फ सगीर निवासी मोहल्ला खालेद कस्बा मुस्करा तथा महबूब निवासी ग्राम अकोना थाना राठ जनपद हमीरपुर का गैंगचार्ट पेश किया। आपराधिक रिकार्ड के साथ आरोप था कि यह दोनों गिरोह बनाकर लूट, चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते थे। उक्त दोनों मंगल ढीमर व भगवान दास ढीमर के साथ गिरोह बंद होकर लूटपाट करते थे। इसके बाद आरोप पत्र न्यायालय में पेश हुए।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से साक्ष्य और गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार ने शनिवार को फैसला सुनाया। शेर उर्फ शेर मुहम्मद उर्फ मोहम्मद सगीर निवासी मोहल्ला खालेद कस्बा मुस्करा तथा महबूब निवासी ग्राम अकोना थाना राठ को दोषी करार दिया। दोषी शेरू उर्फ शेर मोहम्मद उर्फ सगीर और महबूब को दो-दो वर्ष के कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
गिरोह लीडर मंगल व भगवान दास को हो चुकी सजा
क्षेत्र में लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देने के मामले में पुलिस ने गिरोह के लीडर बंडवा गांव निवासी मंगल ढीमर, खेड़ा गांव निवासी भगवान दास के अलावा शेरू उर्फ शेर मोहम्मद उर्फ सगीर और महबूब के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। इसमें से 16 दिसंबर 2013 को मंगल ढीमर व भगवान दास को गैंगस्टर एक्ट में सजा हो चुकी है।
वर्ष 2011 में टेलर के साथ हुई थी लूट
जरिया थाना क्षेत्र के गांव चंडौत निवासी गिरजा शंकर ने 21 अगस्त 2011 को पुलिस को सूचना दी थी कि जब वह सुबह के वक्त उरई बाजार करने जा रहे थे, तभी बाइक सवारों ने डंडा के सहारे उन्हें रोक लिया था। बाइक व पांच हजार रुपये लूट लिए थे। घटना स्थल जालौन जनपद के आटा थाना क्षेत्र का था लिहाजा वहीं पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। जब चारों आरोपी पकड़े गए तब बाइक बरामद हुई थी। अन्य मामले भी गिरोह पर दर्ज थे।