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हत्या मामले में दो भाइयों को दस वर्ष का कठोर कारावास

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हमीरपुर। अनुसूचित जाति के युवक पर हमला कर ईंटों और बंदूक की बट मारकर हत्या करने के मामले में विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट अनिल कुमार शुक्ल की अदालत ने दो भाइयों को 10-10 साल का कठोर कारावास व पांच-पांच हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। घटना 11 साल पुरानी है।
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विशेष लोक अभियोजक विजय सिंह ने बताया कि राठ थानाक्षेत्र के नई बस्ती सिकंदरपुरा निवासी पीड़ित भाई योगेंद्र कुलभूषण ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह 27 अगस्त 2010 को राठ रामलीला मैदान में मेडिकल स्टोर दवा लेने गया था। घर वापसी में उसे देरी हो गई। जिससे उसका बड़ा भाई मुकेश कुमार (34) उसकी तलाश करते चरखारी रोड नई बस्ती नहर पुलिया के पास मिल गया। वहां से दोनों भाई घर आ रहे थे। शाम करीब पौने छ: बजे नहर बंबा के पास पहुंचे तो वहां गली में जगभान यादव लाइसेंसी बंदूक लिए मिला। आरिफ व उसका भाई अजीज पास खड़े थे। तब उसके भाई ने कहा कि गली में क्यों खड़े हो तो तीनों गालियां देने लगे। विरोध करने पर आवेश में आकर जगभान ने उसके भाई मुकेश के सिर पर बंदूक की बट मार दी। जिससे वह जमीन पर गिर पड़ा। आरिफ व उसके भाई अजीज ने ईंट उठाकर उसके सिर में दे मारी जिससे भाई घायल हो गया। भाई को राठ सीएचसी ले गए। जहां से चिकित्सकों ने झांसी के लिए रेफर कर दिया। बताया कि झांसी ले जाते समय रास्ते में मुकेश की मौत हो गई।
लोक अभियोजक ने बताया कि अदालत ने गैैर इरादतन हत्या करने के मामले में दोनों भाई अजीज व आरिफ को दस वर्ष का कारावास व पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं तीसरे आरोपी जगभान यादव को अदालत ने दोष मुक्त कर दिया। जुर्माना अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
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