हमीरपुर/मौदहा । कानपुर-सागर हाईवे (एनएच 34) पर पिछले सात माह में तीन बड़े सड़क हादसे हुए। इनमें सात लोग जिंदा जल गए। सोमवार रात करीब पौने नौ बजे 80 किलोमीटर की रफ्तार से दो डंपर आमने-सामने टकरा गए। हादसे में जीजा, साले सहित तीन लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गईं। दो घायलों को गंभीर हालत में कानपुर व लखनऊ के लिए रेफर किया गया है। खूनी हाइवे में काल बनकर डंपर दौड़ रहे हैं। एक वर्ष में कुल 349 सड़क हादसों में 120 लोगों ने असमय जानें गवां दी हैं। इसका शासन प्रशासन के पास कोई विकल्प नहीं है।
जनपद से निकला कानपुर सागर हाइवे खूनी हाइवे के नाम से मशहूर है। जनपदवासियों ने शासन प्रशासन से कई बार इस हाइवे को फोरलेन बनाए जाने के लिए कई बार मांग कर चुके हैं। इसके बाद भी कोई जूं तक नहीं रेंगती है। यही कारण है कि पिछले सालों का रिकार्ड उठाकर देखा जाए तो इस हाइवे ने न जाने कितने परिवारों को अपनों से छीन लिया है। गतवर्ष 349 सड़क हादसों में 120 लोगों की मौत हुई थी। 18 जुलाई 24 को देर रात राठ तिराहा हाइवे में ट्रक व डंपर की भीषण टक्कर हुई थी। देखते ही देखते दोनों वाहन आग का गोला बन गए। हादसे में दोनों वाहनों के चालक जिंदा जल गए थे। जबकि दोनों खलासी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसी प्रकार 18 दिसंबर 2024 को भरुआ सुमेरपुर पेट्रोल पंप के पास इसी हाइवे में दो डंपरों की आमने सामने टक्कर हो गई थी। इसमें भी दो लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। जबकि तीसरा हादसा बीती रात का है। इसमें छिरका गांव के पास दो डंपरों की आमने-सामने भिड़ंत में जीजा व साले सहित तीन लोग जिंदा जल गए। जबकि दो लोग जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
- कानपुर सागर हाईवे पर घटना के बाद छह घंटे आवागमन पूरी तरह से बाधित रहा। जिसमें कई सरकारी बसों के अलावा बाराते भी फंसी रही। बताते चलें कि राजमार्ग फोरलेन पास होने के बावजूद उस पर अमल नहीं हुआ वहीं राजमार्ग पर डिवाइड बनाया जाना भी अति आवश्यक है। डिवाइर बनने से इस तरह के होने वाले हादसों पर अंकुश लग सकता है। घटना के दौरान अनिल को बचाने में ग्रामीण राम प्रसाद प्रजापति झुलस गए हैं। घटना के बाद घायलों के बचाओ बचाओ चिल्लाते रहे।
तेज रफ्तार बनी हादसे का कारण
जनपद उन्नाव, थाना हसनगंज के उलरापुर गांव निवासी मृतक कुंवर राजपूत (20) के पिता हरिनाम ने बताया कि दो बेटों में कुंवर बढ़ा था। जो नेवलगंज गांव निवासी चालक विकास यादव (25) के साथ हेल्पर का काम करता था। जो अविवाहित था। कहा कि कानपुर की ओर से गिट्टी लेने जा रहे तेज रफ्तार डंपर ने टक्कर मार दी। घटना के समय चालक तो किसी तरह कूद गया, जिसका इलाज चल रहा है, लेकिन बेटा बाहर नहीं निकल पाया और जलकर मौत हो गई।
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भाई से साथ घूमने आया था साला
जिला सीतापुर के थानाक्षेत्र कमलापुर के ग्राम रेवरीपुरवा निवासी मृतक पंकज (30) लखनऊ से गिट्टी लेने के लिए कबरई जा रहा था। भाई दीपक ने बताया कि चार भाइयों में दूसरे नंबर का था। जो अपने साले हिलालपुर निवासी कपिल (18) व हसनापुर थाना मानपुर निवासी भांजा अनिल (21) को साथ लेकर जा रहा था। तभी हादसा हो गया। खलासी का काम कर रहा भांजा गंभीर रूप से घायल है। जिसका इलाज लखनऊ में चल रहा है। जबकि भाई व उसके साले की मौत हो गई है। जो करीब 14 साल से चालक का काम करता था। वह अपने पीछे पत्नी लक्ष्मी समेत प्रिंस (5), पुष्कर (3) व पायल डेढ़ साल को रोता बिलखता छोड़ गया है।
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चार साल में सड़क हादसों में हुई मौतें
वर्ष - मौत
2021 - 112
2022 - 187
2023 - 184
2024 - 120
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ओवर स्पीड बनी हादसे का कारण
दोनों डंपर तेज रफ्तार में थे। कानपुर से कबरई जा रहा डंपर काफी तेज रफ्तार में था। चालकों को चक्कर हिसाब पैसा मिलता है। एक दिन में दो चक्कर लगाने के चक्कर में हादसा हो गया। - आरपी सिंह, एआरटीओ प्रशासन।