हमीरपुर। बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल हादसे में छह परिवारों ने अपनों को खो दिया है। किसी का जवान बेटा चला गया तो किसी के सिर से परिवार का सहारा उठ गया। शासन और पुल निर्माण कंपनी की ओर से दी जा रही आर्थिक सहायता से मृतक आश्रितों के आंसू पोंछने और जख्मों पर मरहम लगाने का प्रयास किया जा रहा है। अब तक 14-14 लाख रुपये की सहायता दी जा चुकी है।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राकेश कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम के तुरंत बाद शासन की ओर से त्वरित राहत के तहत चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। वहीं रविवार को पुल निर्माण कर रही फर्म मैसर्स दी शेल्टर इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड की ओर से प्रत्येक मृतक के आश्रित को 10-10 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई।
सहायता राशि के चेक राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद और सदर एसडीएम अभिषेक कुमार ने मृतक पुष्पेंद्र के घर पहुंचकर परिजनों को सौंपे। इस तरह अब तक प्रत्येक परिवार को कुल 14-14 लाख रुपये की आर्थिक मदद मिल चुकी है।
राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ से मिलेगा 30-30 हजार
पुल हादसे में गनमैन राजेश पाल व गार्ड पुष्पेंद्र सिंह चौहान की मौत हो चुकी है। राजेश की पत्नी अनीता और पुष्पेंद्र के पिता राजेंद्र सिंह को राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत 30-30 हजार रुपये दिए जाएंगे। अनीता को विधवा पेंशन और राजेंद्र सिंह को वृद्धा पेंशन भी प्रदान की जाएगी। पात्र परिवारों को अंत्योदय राशन कार्ड, आवास, स्वच्छ शौचालय योजना तथा अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से भी जोड़ा जा रहा है।
रीना व अंशिका को प्रतिमाह मिलेगा ढाई-ढाई हजार
पुल हादसे में स्वासा खुर्द निवासी राजेश पाल की मौत हो चुकी है। राजेश की चार बेटियां हैं। बड़ी बेटी शिवानी बीए के चार सेमेस्टर की परीक्षा दे चुकी है और रेखा ने इंटर पास किया है। प्रशासन ने कक्षा आठ में पढ़ रही रीना और कक्षा सात में पढ़ रही अंशिका को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत लाभान्वित करने का निर्णय लिया है। दोनों बेटियों को 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक प्रतिमाह ढाई-ढाई हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
श्रम विभाग से आज मिल जाएगी आर्थिक मदद
श्रम विभाग की ओर से मृतक श्रमिकों के आश्रितों को सोमवार को आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी। ऑनलाइन प्रक्रिया एक दिन पहले ही पूरी कर ली गई थी। जानकारी के अनुसार यदि श्रमिकों का पंजीकरण होता तो पांच-पांच लाख रुपये की सहायता मिलती। अपंजीकृत होने के कारण अब 1.25-1.25 लाख रुपये की राशि दी जाएगी।
डीएम बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई
हादसे के बाद गांवों में अब भी शोक का माहौल है। जिन घरों में कमाने वाले सदस्य की मौत हुई है उनके बुजुर्ग माता-पिता और बच्चों के चेहरे पर गहरा दर्द साफ दिखाई देता है। डीएम अभिषेक गोयल ने कहा कि जिला प्रशासन प्रभावित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ा है। सभी पात्र परिजन को शासन की योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जाएगा। घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
फोटो 31 एचएएमपी 11- पुल हादसे में मृतक पुष्पेंद्र के पिता को सहायता राशि देते सांसद व एसडीएम स