बेतवा में डूबकर पुष्पेंद्र की मौत के बाद आक्रोशित
परिजन रविवार सुबह चिकासी थाने में मौरंग खनन करने वालों के खिलाफ रिपोर्ट
लिखाने पहुंचे पर पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से नहीं लिया। आरोप है कि
चिकासी पुलिस ने परिजनों से कहा कि छोटा सा बच्चा है क्या करोगे रिपोर्ट
दर्ज कराकर इसे नदी में बहा दो। जिससे परिजनों और ग्रामीण और अधिक आक्रोशित
थे।
बडेरा माफ गांव में हुई घटना को लेकर मृतक पुष्पेंद्र के परिजन
बारेलाल व राजकुमारी आदि ने बताया कि पुलिस की ऐसी बयानबाजी पर परिजनों के
अलावा ग्रामीण भी आक्रोशित हो उठे।
दोपहर में जब थानाध्यक्ष चिकासी बीपी
मिश्रा पांच सिपाहियों के साथ मृतक के घर पहुंचे और शव का पोस्टमार्टम
कराने के लिए उठाने लगे तो महिलाएं भड़क उठी।
राजकुमारी ने बताया कि जब
पुलिस गांव आई तब घर के पुरुष नदी पर गए थे। महिलाओं ने विरोध किया तो
पुलिस जोर जबरदस्ती करने लगी। इस पर पुलिस और महिलाओं के बीच शव उठाने को
लेकर झड़प होने लगी।
आक्रोशित महिलाओं ने दरोगा सहित सिपाहियों के पीट
दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि बेतवा नदी से अवैध खनन हो रहा है। खनन
माफिया नदी में लिफ्टर मशीनें लगाकर 30 से 40 फीट बडे़ बडे़ गड्डे खोदकर
मौरंग उठा रहे हैं।
जिससे पूरी नदी में जगह जगह गड्ढे हो गए हैं। पुलिस खनन
माफियाओं को बचाने में जुटी थी। इसीलिए पुलिस ने रिपोर्ट नहीं लिखी।
हालांकि बाद में पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।