भरुआसुमेरपुर। जनपद की आधा दर्जन से ज्यादा मौरंग खदानों में एनजीटी के नियमों की धज्जियां उड़ाकर खनन करने से संबंधित याचिका न्यायालय राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण के समक्ष दाखिल की गई थी।
एनजीटी ने याचिका स्वीकार करके चार सप्ताह में खनिज निदेशक एवं जिलाधिकारी से 10 बिंदुओं में रिपोर्ट मांगी है।
इंगोहटा निवासी याचिकाकर्ता अधिवक्ता आशीष कुमार द्विवेदी ने एनजीटी के समक्ष याचिका दाखिल कर जनपद की बालू खदानों में मनमाने ढंग से खनन कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है।
एनजीटी ने 18 मई को दाखिल की गई याचिका की 26 मई को सुनवाई कर प्रदेश के खनिज निदेशक एवं जिलाधिकारी, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं उत्तर प्रदेश सरकार के एक प्रतिनिधि समिति का गठन कर चार सप्ताह में स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट तलब की है। एनजीटी मामले की अगली सुनवाई एक सितंबर को करेगी। (संवाद)