मौदहा/भरुआसुमेरपुर। सपा ने बुधवार को ग्राम पंचायत कुंडौरा व दरियापुर में किसान संवाद किया। किसानों को केंद्र सरकार के कृषि कानून के बारे में अवगत कराया। कहा अगर समय रहते इस कानून का पुरजोर विरोध नहीं किया गया तो अन्नदाता बदहाल व गुलाम हो जाएंगे। इस मौके पर गांवों में किसान यात्रा भी निकाली गई।
सपा जिलाध्यक्ष राज बहादुर पाल की अध्यक्षता में किसान संवाद हुआ। जिलाध्यक्ष ने कहा केंद्र सरकार किसानों की गुलामी का बिल लेकर आई है। पूर्व जिलाध्यक्ष ज्ञान सिंह यादव ने कृषि कानून को ईस्ट इंडिया कंपनी का दूसरा रूप बताया। जिला उपाध्यक्ष राजेश श्रीवास, कोषाध्यक्ष राजेश सविता, जिला सचिव सलीम खान, ब्लाक अध्यक्ष विष्णुपाल, ग्राम प्रधान अवधेश यादव आदि ने भी चौपाल को संबोधित किया।
इसके बाद गांव में किसान यात्रा निकालकर केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के बारे में लोगों को आगाह किया। मौदहा संवाद के अनुसार सपा नेताओं ने मकरांव गांव में चौपाल लगाकर किसानों से संवाद कार्यक्रम की शुरुआत की। महासचिव कमरुद्दीन, जिला उपाध्यक्ष जावेद मेजर, अनुसूचित मोर्चा जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश सोनकर वारसी, पूर्व जिलाध्यक्ष इदरीस खान के नेतृत्व में किसानों की समस्याएं सुनीं और कृषि कानून के फायदे और नुकसान बताए। इस दौरान शाकिर खान, शादाब हुसैन बिटटू समेत तमाम सपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित न करने पर आक्रोश
राठ। सपा के किसान संवाद में निवर्तमान ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि सत्यपाल यादव ने क्षेत्र के कोठा गांव में किसानों की समस्याएं सुनीं। किसानों ने क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित न करने पर आक्रोश जताया। सत्यपाल यादव ने कहा भाजपा सरकार ने किसानों के उत्पीड़न का रास्ता खोला है। कृषि कानूनों का लाभ उद्योगपतियों को मिलेगा। गांव के राकेश पाल, हल्कू पाल, देवदत्त पाल, राजधर पाल, अनिल राजपूत, बदन राजपूत आदि किसानों ने बताया क्षेत्र सूखे की मार झेल रहा है। संवाद कार्यक्रम में प्रेमचंद्र भारती, अनीश, हसन खान, धीरेंद्र यादव आदि सपा कार्यकर्ता रहे। (संवाद)