हमीरपुर। जनपद की 60 क्यूसेक क्षमता की पत्योरा पंप कैनाल डेढ़ माह से बंद है। इस कैनाल की नहरें पत्योरा, गहतौली, जलाला, भभौंरा, सुरौली बुजुर्ग तक फैली हैं। इससे करीब पांच हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल की सिंचाई होती है। सिंचाई के अभाव में गेहूं की फसलें पीली पड़ने लगी हैं। वहीं वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के ठेकेदार पंप कैनाल के बगल से पाइप लाइन बिछा रहे हैं। जिससे भारी भरकम पाइप नहर में डाल रखे हैं। नहर के कुलाबे भी ध्वस्त कर दिए हैं। जिससे पानी छोड़े जाने के समय फसलें बर्बाद हो सकतीं हैं। परेशान किसानों पंप कैनाल में पानी छोड़े जाने व कुलाबा दुरुस्त किए जाने की मांग की है।
डेढ़ माह से नहीं चली पंप कैनाल
गांव निवासी किसान रामऔतार संखवार ने बताया कि ठेके पर पांच बीघे जमीन लेकर गेहूं की फसल बोई है। लेकिन डेढ़ माह से कैनाल ठप है। पानी जरूरी है। फसल पीली पड़ रही है। अगर जल्द पानी नहीं मिला तो पूरी फसल खराब हो जाएगी।
ठेकेदारों ने ध्वस्त कर दिया कुलाबा
किसान शिवसागर सिंह ने बताया कि नमामि गंगे मिशन के अंतर्गत बन रहे वाटर प्लांट के ठेकेदारों ने पाइप लाइन बिछाने के चक्कर में कुलाबा ध्वस्त कर दिए हैं। वहीं भारी भरकम पाइप कैनाल में डाल कर अतिक्रमण कर रखा है। नहर न चलने से फसलें चौपट हो रही हैं।
इनसेट
12 बीघे गेहूं की फसल हो रही खराब
किसान अनंता सिंह ने बताया कि 12 बीघे में गेहूं की फसल बुवाई कर रखी है। जनवरी के प्रथम सप्ताह में बारिश होने व लगातार मौसम खराब रहने से फसल को पानी की जरूरत नहीं पड़ी। लेकिन इधर एक सप्ताह से निकल रही तेज धूप के चलते पानी की अत्यंत आवश्यकता है।
अभी तक दो फेस लाइट रहने के कारण पंप कैनाल नहीं शुरू हो सकी है। आज ही तीनों फेस लाइट आई है। संबंधित अधिकारी को बोलकर पंप कैनाल चालू कराएंगे। कहा कि कैनाल में पाइप डाले जाने की सूचना नहीं मिली है। जांच कराकर पाइप हटवाए जाएंगे और कैनाल चालू कराई जाएगी।
एस के त्रिवेदी, अधिशासी अभियंता लघु डाल नहर