हमीरपुर। मौसम में बदलाव से कम इम्युनिटी वाले मरीजों की सेहत बिगड़ रही है। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में सांस की परेशानी वाले मरीजों की भीड़ लगी रही। छोटे बच्चे सीने की जकड़न से परेशान दिखे।
ओपीडी में 798 से अधिक मरीज इलाज कराने पहुंचे। इनमें 50 फीसदी से अधिक मरीज सांस, जुकाम, खांसी, तेज बुखार के रहे। तापमान में गिरावट के साथ बढ़ी ठंड से सांस के मरीज ज्यादा रहे। फिजिशियन डॉ. आरएस प्रजापति ने बताया कि अस्थमा, बीपी व शुगर वाले मरीजों के लिए यह मौसम खतरनाक है। वातावरण में नमी के कारण लोग इसकी चपेट में आ जाते हैं। सांस की नली सिकुड़ जाती है। शुगर के मरीजों को भी दिक्कत होती है। ऐसे में थोड़ी सी लापरवाही से अस्थमा के पुराने मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। सामान्य दिनों में सांस के 10 मरीज आते थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 20-25 पहुंच गई है।
बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. आशुतोष निरंजन ने बताया कि बच्चों को सुबह-शाम ऊनी कपड़े पहनाएं। इम्युनिटी बढ़ाने वाला भोजन दें। थोड़ी सी परेशानी होने पर चिकित्सक से परामर्श पर दवा का सेवन करें। थोड़ी सी लापरवाही घातक हो सकती है।