फोटो 31 एचएएमपी 18- रपटे से मलबा हटाती जेसीबी व मौजूद पुलिस बल। संवाद
15 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय कर मौदहा पहुंच रहे लोग
जेसीबी से मलबा हटाकर प्रशासन ने बहाल कराया आवागमन
संवाद न्यूज एजेंसी
मौदहा (हमीरपुर) मौदहा-सिसोलर मार्ग पर पढ़ोहरी गांव के पास चंद्रावल नदी में बना रपटा लगातार बारिश और बाढ़ के चलते एक बार फिर क्षतिग्रस्त हो गया। रपटे में दरारें पड़ने और मलबा जमा होने से सोमवार को आवागमन बाधित हो गया। इससे सिसोलर समेत आसपास के कई गांवों के ग्रामीणों को मौदहा आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ा।
रपटे की जर्जर हालत का वीडियो ग्रामीणों ने सोशल मीडिया पर डालकर जिलाधिकारी से मरम्मत कराने की मांग की थी। मामला संज्ञान में आने के बाद सोमवार को एसडीएम करनवीर सिंह राजस्व टीम और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पीडब्ल्यूडी के एई और जेई ने भी रपटे का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों के निर्देश पर मौके पर जेसीबी मंगाकर रपटे में फंसे मलबे को हटाया गया। इसके बाद मार्ग पर आवागमन बहाल कराया गया। हालांकि लगातार हो रही बारिश और चंद्रावल नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच रपटे की स्थिति को लेकर ग्रामीणों में अभी भी चिंता बनी हुई है।
सिसोलर निवासी विजय शंकर ने बताया कि रपटा क्षतिग्रस्त होने पर सिसोलर, भुलसी, भटूरी, लेवा, पासुन, खैरी, बम्हरौली, पढोहरी, परछा, डिया डेरा के ग्रामीणों को टिकरी होकर मौदहा जाना पड़ता है। इससे करीब 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है। ग्रामीण पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि चंद्रावल नदी में बाढ़ आने पर रपटा अक्सर क्षतिग्रस्त हो जाता है। नौकरी, बाजार, अस्पताल और अन्य जरूरी कार्यों के लिए मौदहा जाने वाले ग्रामीणों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से रपटे की जगह चंद्रावल नदी पर पुल का निर्माण कराने की मांग की है।