भरुआसुमेरपुर। गुरुवार की देर शाम नेवेली प्लांट से काम कर घर लौट रहे मजदूर की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। वह छह भाइयों में पांचवें नंबर का था। बड़े भाई ने मोर्चरी हाउस पहुंचकर शिनाख्त की है।
बांदा जिले के जसपुरा थाना क्षेत्र के रैपुरा गांव निवासी सिद्धू यादव का पुत्र उमेश यादव (25) यमुना पार बन रहे नेवेली प्लांट में कार्य करता था। गुरुवार को देर शाम प्लांट से काम करने के बाद वह पैदल रेलवे लाइन के किनारे होते हुए अपने घर वापस आ रहा था। देवगांव एवं यमुना साउथ स्टेशन के मध्य गुमटी संख्या तीन के पास मानिकपुर से कानपुर जा रही मेमू ट्रेन की चपेट में आ गया।
उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गुमटी में तैनात रेलवे कर्मी ने इसकी सूचना स्टेशन मास्टर को दी। स्टेशन मास्टर ने घटना से पुलिस को अवगत कराया। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने रात में शव के शिनाख्त का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस ने मृतक की जेब से मिली पासपोर्ट साइज की फोटो को सोशल मीडिया में शेयर कर शिनाख्त कराने की कोशिश की।
सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होने पर किसी ने परिजनों को बताया। पर बड़ा भाई नरेश यादव पास्टमार्टम हाउस पहुंचा। उसने मृतक की शिनाख्त छोटे भाई उमेश यादव के रूप में की। अचानक हुई इस घटना से परिजनों में कोहराम मचा है। मृतक छह भाइयों में पांचवें नंबर का था। उसकी शादी नहीं हुई थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।