भरुआसुमेरपुर। क्षेत्र से मजदूरों का पलायन जारी है। मनरेगा के कार्यो पर रुचि न लेने से ग्राम पंचायतों में कार्य ठप हैं। जिसमें बीडीओ की उदासीनता सामने आ रही है।
मजदूरों को काम देने के लिए ग्राम पंचायतों में कम से कम दो कार्य संचालित रखने के निर्देश हैं। आवासों में जो मजदूर लगे हैं, सिर्फ उतने ही लोग कार्य कर रहे हैं। प्रधानों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बीडीओ द्वारा स्टीमेट स्वीकृत नहीं किए जा रहे हैं और न ही मस्टररोलों में हस्ताक्षर नहीं किए जा रहे हैं। यही दशा रही तो मजदूर पलायन करने को मजबूर हो जाएंगे। कुछ प्रधानों ने बताया कि इसी माह में मनरेगा योजना में सामग्री की धनराशि आई थी। लेकिन खंड विकास अधिकारी द्वारा डोंगल न लगाने से सामग्री का भुगतान भी नहीं हो सका है। बीते एक नवंबर को भूमि संरक्षण अधिकारी भीमसेन ने बीडीओ का चार्ज लिया था। 26 दिन गुजरने के बाद भी मनरेगा कार्यों में तेजी नहीं आई है। मनरेगा साइट में मौजूदा समय में 1045 कार्य दर्शाए जा रहे हैं। जिसमें दो कार्यों को छोड़कर सभी आवासों के कार्य दिखाए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक करीब ढाई सौ एस्टीमेट स्वीकृत होने को पड़े हैं। लेकिन प्रभारी बीडीओ द्वारा तवज्जो नहीं दी जा रही है। बीडीओ भीमसेन ने बताया कि वह अभी निर्वाचन कार्य में हैं। प्रधानों के आरोप निराधार हैं। स्टीमेट स्वीकृति होने के साथ मास्टर रोल में हस्ताक्षर भी हो रहे हैं।