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किसानों के कंधों पर है देश के विकास की धुरी

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राठ के चित्रगुप्त कालेज में जनसभा को संबोधित करते राजा बुंदेला। संवाद - फोटो : HAMIRPUR
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राठ। देश के विकास को गति देने में किसानों का अहम योगदान है। लोकसभा व राज्यसभा में लोकतांत्रिक तरीके से पारित कृषि कानूनों के खिलाफ विपक्ष किसानों को भड़का रहा है। भाजपा ने सच्चे मन से जनता के बीच जाकर उनके आंसू पोंछने का काम किया है। यह बातें बुंदेलखंड विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष राजा बुंदेला ने नगर के चित्रगुप्त इंटर कालेज में एक सभा को संबोधित करते हुए कहीं।
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उन्होंने प्रधानमंत्री स्वच्छता मिशन की सराहना करते हुए कहा 7 साल की केंद्र सरकार में एक भी घोटाला नहीं हुआ है। एक साल से कोरोना काल के चलते उत्पादन प्रभावित होने से महंगाई बढ़ी है। राजा बुंदेला ने कहा तेल आपूर्तिकर्ता देशों में रोक के चलते पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में तेजी है। कोरोना काल खत्म होते ही पेट्रोल व डीजल की कीमतें कम होंगी। उन्होंने कहा बुंदेलखंड यात्रा के दौरान किसानों, युवाओं सहित हर वर्ग से मिल कर उनकी बात सुन रहे हैं। गांवों के भ्रमण के दौरान किसानों की समस्याओं से अवगत हुए हैं।
मुख्यमंत्री से मुलाकात कर विकास पर चर्चा करेंगे। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. सत्यनारायण सिंह परिहार, मकरजध्वज सिंह, प्रमोद बजाज, महेंद्र शुक्ला, जमील अहमद आदि मौजूद रहे। राजा बुंदेला ने कहा पानी, जवानी व किसानी के विकास के लिए अलग बुंदेलखंड राज्य जरूरी है। पंजाबियों का पंजाब, बंगालियों का बंगाल तो हम बुंदेलों का बुंदेलखंड क्यों नहीं बन सकता। उन्होंने कहा बुंदेलखंड हमारा हक है, भीख नहीं। हम बुंदेले अपना हक लेकर रहेंगे। रोजगार के अभाव में 67 प्रतिशत पलायन बढ़ा है। उन्होंने कहा हमारा राज्य और हमारी सरकार होने पर ही यहां का विकास संभव है।
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पेयजल परियोजना के लिए धन आवंटन की मांग
राठ। बजट के अभाव में मौदहा बांध पेयजल परियोजना दम तोड़ रही है। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बुंदेलखंड विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष राजा बुंदेला को ज्ञापन सौंपकर धन आवंटन कराने की मांग की है। व्यापार मंडल के प्रमोद बजाज ने कहा करीब छह दशक पुरानी राठ की पेयजल व्यवस्था धड़ाम हो चुकी है। वर्ष 2018 में नगर के लिए मौदहा बांध पेयजल परियोजना का कार्य शुरू हुआ था। 98 करोड़ की इस परियोजना के लिए अभी तक दो किस्तों में करीब 18 करोड़ रुपये ही अवमुक्त किए गए हैं। जिससे मामूली रूप में कार्य हुआ है। (संवाद)
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