गहरौली (हमीरपुर)। मुस्करा थानाक्षेत्र के गहरौली गांव के मजरा गोरनपुरवा में करंट की चपेट में आए मासूम की समय से इलाज न मिलने से मौत हो गई।
सड़क खराब होने के कारण परिजन 14 किमी लंबा रास्ता दो घंटे में तय कर सके। मुस्करा स्थित सीएचसी में पहुंचते ही मासूम को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
गहरौली गांव के सैकड़ों किसान परिवार के साथ गोरानपुरवा के डेरा में स्थायी तौर पर अपना आवास बनाकर रहने लगे हैं। यहां रह रहे निर्दोष कुमार ने बताया कि सोमवार शाम रक्षाबंधन पर उसके बेटे पीयूष (03) ने खेलते समय अचानक कूलर पकड़ लिया।
इससे कूलर में उतर रहे करंट की चपेट में आकर वह गंभीर रूप से झुलस कर अचेत हो गया। उसे परिजन तुरंत मुस्कुरा कस्बा स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए।
उन्होंने बताया कि लेकिन डेरे को जोड़ने वाली सड़क खराब होने के कारण मुस्करा पहुंचने में उन्हें करीब दो घंटे का समय लग गया। वहां पहुंचे तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों ने मासूम को मृत घोषित कर दिया।
उनका कहना है कि काश सड़क सही होती तो शायद समय से इलाज मिलने पर उनका बच्चा बच सकता था।
नमामि गंगे योजना के सीडब्ल्यू टैंक निर्माण से दलदल में बदला रास्ता
गहरौली। जिला पंचायत और लोक निर्माण विभाग के संयुक्त प्रयास के चलते कस्बे से गोरनपुरवा होते हुए इमलिया बसवारी मार्ग के लिए संपर्क मार्ग का निर्माण करवाया गया। इस मार्ग का अलरा गौरा-गहरौली-इमलिया मसगांव की करीब चार हजार से अधिक लोग यातायात के रूप में उपयोग करते हैं।
प्रधान प्रतिनिधि रमेश राजपूत ने बताया कि बीते वर्ष नमामि गंगे योजना के तहत इसी मार्ग पर सीडब्ल्यूआर टैंक बनाकर बाउंड्री आदि का निर्माण कराया गया। यहीं से गांव की जल निकासी वाले रास्ते को छोटी पुलिया डालकर रोक दिया गया। जबकि यहां बड़ी पुलिया का निर्माण कराया जाना चाहिए था।
जल निकासी की सही व्यवस्था न होने के कारण संबंधित संपर्क मार्ग दो-तीन स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई। इसके अलावा मानक के विपरीत कार्य कराए जाने के चलते बाउंड्रीवॉल नीचे कट गई।
बताया कि कटाव होने के कारण समस्या को देखते हुए मिट्टी डाल कर यातायात बहाल कराया गया। लेकिन बरसात के दिनों में कटाव वाले स्थान पर और समस्या उत्पन्न हो गई। मिट्टी दलदल का रूप ले चुकी है वाहन नहीं निकल पा रहे। वही पैदल निकलना भी दुश्वार है।