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मोहब्बत भरी व मिश्री सी घुली मीठी हिंदी भाषा है

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सुमेरपुर के युग चेतना महाविद्यालय सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद छात्र व छात्राएं। - फोटो : HAMIRPUR
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भरुआसुमेरपुर। बड़ी मोहब्बत भरी हमारी यह भाषा है, मिश्री सी घुली मीठी हिंदी भाषा है। यह बात कस्बे में संचालित युग चेतना महाविद्यालय की छात्रा ने कही। यह भी कहा कि मातृ भाषा हिंदी राष्ट्र प्रेम से ओतप्रोत है। यह दुनिया में देश को सम्मान दिलाती है। इसके साथ ही अन्य छात्र-छात्राओं ने भी ‘हिंदी हैं हम’ कार्यक्रम में आयोजित भाषण प्रतियोगिता में विचार व्यक्त किए।
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शुक्रवार को कस्बे के युग चेतना महाविद्यालय में प्राचार्य डॉ. अनिल पांडेय की अध्यक्षता में अमर उजाला फाउंडेशन का ‘हिंदी हैं हम’ के तहत भाषण प्रतियोगिता हुई। इसमें छात्र-छात्राओं ने विचार रखे। सारांश यह निकला कि हिंदी ही ऐसी भाषा है जो जोड़ने का काम करती है। प्रेम, सद्भाव और सौहार्द कायम करती है। भाषण प्रतियोगिता में विद्यालय की छात्रा अंशिका पांडेय, शैलजा साहू, अंशिका निगम, अमन वर्मा, राज शर्मा आदि ने प्रतिभाग किया।
निर्णायक मंडल ने अंशिका निगम को प्रथम, अंशिका पांडेय को द्वितीय और राज शर्मा को तृतीय स्थान दिया। प्राध्यापक अंजना श्रीवास्तव, आशीष तिवारी, अमित गुप्ता, चंदन गुप्ता, अभिषेक कुमार, प्रद्युम्न कुमार, मोहिनी गुप्ता, राहुल यादव, रावेंद्र सिंह, राहुल सेंगर, अनामिका तिवारी, पूूजा, आरती, मंजूलता, आलोक पाल, हरिओम तिवारी, आनंद, नागेंद्र भी मौजूद रहे।
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व्यवहार की भाषा है हिंदी
विद्यालय के बीबीए पांचवें सेमेस्टर की छात्रा अंशिका पांडेय ने अपनी कविता के माध्यम से हिंदी भाषा को बताया कि यह ऐसी मोहब्बत भरी भाषा है जो मिश्री की डली की तरीके होती है। कहा कि अंग्रेजी व्यापार की भाषा है, उर्दू प्यार की भाषा है, जबकि हिंदी व्यवहार की भाषा है।
मातृभाषा पर हमें है गर्व
बीए द्वितीय के छात्र राज शर्मा का कहना था कि हिंदी हम वतन है, हिंदोस्तान हमारा है। हिंदी से ही हमने दुनिया में नाम रोशन किया है, लेकिन वर्तमान में कुछ लोग हिंदी बोलने में शर्म महसूस करते हैं, जबकि यह हमारी मातृभाषा है। मातृभाषा पर हम सभी को गर्व करना चाहिए।
हिंदी राष्ट्रवाद की भाषा
बीबीए तृतीय सेमेस्टर की अंशिका निगम का कहना है कि संस्कृत से हमारी संस्कृति है, इसलिए हमें हिंदी भाषा पर अभिमान करना चाहिए। यह भाषा हमारी राष्ट्रवाद है। कहा कि अमर उजाला की पहल बहुत ही सराहनीय है, इस पहल को निरंतर जारी रखना चाहिए।
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