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Hamirpur News: हाईकोर्ट का आदेश, आरोपी 10 दिन के अंदर सरेंडर करें किसानों का हड़पा मुआवजा

Wed, 23 Oct 2024 11:42 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर
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हमीरपुर। सदर एसडीएम की आईडी हैक कर 84 किसानों की ओलावृष्टि की धनराशि दूसरों के खाते में भेजे जाने के मामले में एक आरोपी को उच्च न्यायालय से राहत मिली है। हाईकाेर्ट ने याचिकाकर्ता को 10 दिन के अंदर ओलावृष्टि की धनराशि सरकारी बैंक खाते में भेजे जाने का आदेश दिया है।
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मामले में महाराजगंज निवासी याचिकाकर्ता सत्यम (84 आरोपियों में शामिल) के पिता ने बुधवार को मुख्यालय आकर हाईकोर्ट के आदेश की प्रति सदर एसडीएम व साइबर थाने में दी। उन्होंने तय तिथि में पैसा जमा करने को कहा है। मामले में जनपद महाराजगंज के 84 लोगों के खिलाफ केस दर्ज है।

बता दें कि बीते फरवरी व मार्च माह में जिले में हुई ओलावृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ था। सदर व मौदहा तहसील के 53 गांवों में हुए नुकसान का सर्वे कर शासन से मुआवजा देने के नाम पर जिला प्रशासन ने 23 करोड़ की धनराशि मांगी गई थी। शासन से मिली धनराशि को किसानों के खातों में भेजा गया था।
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जिसमें 84 किसानों की धनराशि सदर एसडीएम की आईडी हैक कर दूसरे के खातों में भेजे जाने का मामला प्रकाश में आने पर किसान परेशान हो गए थे। किसानों ने मामले की जांच शासन स्तर से कराए जाने की मांग शुरू कर दी थी।
अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर को प्रकाशित किया था। ऐसे में किरकिरी से बचने के लिए सदर एसडीएम पवन प्रकाश पाठक ने साइबर थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज करा आठ दिन में मामले का खुलासा किया था।
मामले में साइबर क्राइम पुलिस व सर्विलांस टीम के संयुक्त प्रयास से इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर अनिल विश्वकर्मा निवासी नरकटहा थाना नौतनवा, जनपद महाराजगंज को 11 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। आरोपी पर अनाधिकृत रूप से सरकारी पोर्टल पर लॉगिन कर ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों की धनराशि का करीब 15 लाख रुपये धोखाधड़ी से दूसरे लोगों के खातों में ट्रांसफर करने का आरोप है।
मामले में आरोपी ने बताया कि वह अपने साथी विनोद निवासी चहेरीटोला थाना कोतवाली नगर जनपद महाराजगंज के साथ सीएचसी (जनसेवा केंद्र) में काम करता है। सुनियोजित तरीके से अपने साथी के साथ मिलकर हमीरपुर सदर तहसील की ओलावृष्टि राहत प्रणाली में लॉगिन किया और घटना को अंजाम दिया था।

आरोपी के पिता बोले-एक महिला ने पैसा मंगाने के लिए मांगा था बैंक खाता नंबर

जनपद महाराजगंज के गिरगिटियां गांव निवासी आरोपी सत्यम के पिता रामललित ने बताया कि उनके घर के पास एक मंदिर है। जहां पर सुबह-शाम सैकड़ों लोग आते जाते हैं। उसी दौरान उसके बेटे सत्यम से एक महिला ने पैसे मंगाने के लिए बैंक खाता नंबर मांगा था।
जिसपर उसके बेटे ने अपना खाता नंबर दे दिया। उसमें करीब 29 हजार रुपये आए थे। इसे निकालकर उस महिला को दे दिया था। बाद में जब मुकदमा दर्ज हुआ तो मामले की जानकारी हुई। बताया कि हाईकोर्ट ने 10 दिन के अंदर पैसा सरकारी बैंक खाते में जमा करने की मोहलत दी है। उसे जमा करने आए हैं।
84 लोगों के खिलाफ दर्ज है मामला

साइबर प्रभारी जयशंकर सिंह ने बताया कि जनपद महाराजगंज व गोरखपुर के 84 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इसमें पहला आरोपी सत्यम है जो हाईकोर्ट का आदेश लेकर पैसा जमा करने को आया है।
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