हमीरपुर। शहर स्थिति बेतवा पुल के पिलर नंबर 10 की मरम्मत का कार्य बिना पूर्व सूचना के एनएचएआई ने मंगलवार सुबह शुरू करा दिया। इससे दिनभर हाईवे पर जाम की स्थिति बनी रही। इसके बाद डीएम अशोक कुमार के आदेश पर भारी वाहनों का रूट डायवर्जन किया गया है लेकिन बुधवार को दिनभर बिना रोक-टोक के भारी वाहन धड़ल्ले से क्षतिग्रस्त हिस्से से गुजरते रहे। कार्यदायी संस्था ने डीएम के आदेश पर अब दिन में काम बंद कर रात नाै से सुबह छह बजे तक मरम्मत कराने का निर्णय लिया है।
कानपुर-सागर हाईवे स्थित बेतवा नदी पुल पर पिलर 10 के एक्सपेंशन जॉइंट को बदलने और क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का कार्य एनएचएआई की कार्यदायी संस्था जय बिल्डर्स करा रही है। इसके चलते 13 से 19 अक्तूबर तक पुल की एक लेन अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है। इसकी कंक्रीट सेट होने में करीब 10 दिन का समय लग सकता है। इसके बावजूद क्षतिग्रस्त हिस्से से भारी वाहन गुजर रहे हैं। कार्यदायी संस्था का कहना है कि क्षतिग्रस्त हिस्से में प्लेटें डाल दी गई हैं। भारी वाहनों का रूट डायवर्जन किया गया है लेकिन इसका पालन नहीं हो रहा है। जिला प्रशासन को इस पर रोक लगानी चाहिए।
दूसरी बार क्षतिग्रस्त हुआ बेतवा पुल
साल 2024 में जून से जुलाई माह तक यमुना पुल व बेतवा पुल पर वेयरिंग बदलने का कार्य कार्यदायी संस्था ने कराया था। इस दौरान पुल के तीन पिलरों की वेयरिंग बदली गई थीं। तब 15 दिन आवागमन प्रभावित रहा था।
यमुना पुल 12 बार क्षतिग्रस्त हो चुका
यमुना पुल बीते 16 सालों में करीब 12 बार क्षतिग्रस्त हो चुका है। पुल की अवधि अगस्त 2024 में पूरी हो चुकी थी। इसके बाद भी पुल से लगातार 40 टन से अधिक क्षमता के वाहन गुजर रहे हैं। पुल क्षतिग्रस्त होने से जिले के लोगों का सीमावर्ती जनपदों से संपर्क टूट जाता है। इससे निजात दिलाने के लिए रोहाइन नाला बाईपास और समानांतर पुलों का निर्माण कराया जा रहा है लेकिन जिला प्रशासन व कार्यदायी संस्था की हीलाहवाली के चलते अभी पुल का काम अधूरा है। व्यापार उद्योग मंडल के नेता धीरेंद्र उर्फ धीरू गुप्ता ने बताया कि पुल से आवागमन बंद होने से व्यापार प्रभावित होता है। दोनों नदियों के बीच में बसा मुख्यालय पुल पर आवागमन बंद होने से सील हो जाता है।
सीआरआरआई की रिपोर्ट में हो चुका खुलासा
सीआरआरआई की रिपोर्ट के अनुसार यमुना पुल चलने योग्य नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक अगस्त 2024 में ही इसे बंद कर देना चाहिए लेकिन ऐसा होने से जनपद का आर्थिक ढांचा चरमरा जाएगा। रोहाइन नाला बाईपास का काम पूरा न हो पाने के कारण लोगों को जोखिम उठाना पड़ रहा है।
भारी वाहन इन मार्गों से होकर गुजरेंगे
-19 अक्तूबर तक डायवर्जन और सिंगल लेन व्यवस्था लागू रहेगी।
-कानपुर और घाटमपुर से सुमेरपुर, कबरई और महोबा जाने वाले भारी वाहन चौडगरा-बांदा मार्ग से जाएंगे।
-कानपुर से कालपी, उरई और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के रास्ते भी कबरई पहुंचा जा सकता है।
-महोबा से हमीरपुर होते हुए कानपुर जाने वाले भारी वाहन कबरई-बांदा-चौडगरा मार्ग का उपयोग करेंगे।
-राठ, सरीला और बिंवार क्षेत्र से कानपुर जाने वाले भारी वाहनों को उरई-जालौन मार्ग से भेजा जा रहा है।
किसी भी प्रकार की यातायात समस्या या जानकारी के लिए हमीरपुर पुलिस के इन नंबरों (9454793014, 8532830132, 8449330001, 9454403545) पर संपर्क किया जा सकता है या फिर आपात स्थिति में डायल 112 मिलाएं।
डायवर्जन पर रोक लगाने का कार्य जिला प्रशासन और पुलिस का है। वे लोग इस पर रोक नहीं लगा सकते। मरम्मत कार्य के दौरान वाहनों का आवागमन किसी खतरे से कम नहीं है। इसके चलते डीएम के आदेश पर रात में कार्य कराए जाने का फैसला लिया गया है। जॉइंट पर एंगल व प्लेटें डाल दी गई हैं। साथ ही दो कर्मचारी भी तैनात किए गए हैं। -सौरभ यादव, जय बिल्डर्स अलियापुर टोल प्लाजा।
डायवर्जन पूर्णतया लागू है लेकिन बीच-बीच में जो वाहन कहीं फंस गए हैं उन्हें निकाला जा रहा है। इससे यातायात प्रभावित नहीं होगा। दिन में मरम्मत का कार्य रोक दिया गया है।
- अरविंद कुमार वर्मा, अपर एसपी।
फोटो 14 एचएएमपी 14- शहर स्थिति बेतवा पुल का क्षतिग्रस्त एक्सपेंशन ज्वाइंट। संवाद