हमीरपुर। कोरोना की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य महकमा सतर्क है। जिला महिला व पुरुष अस्पताल समेत जिले में पांच स्थानों पर ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा चुके हैं। वहीं, जिला अस्पताल में आठ बेड का आईसीयू वार्ड भी जल्द तैयार होगा।
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. विनय प्रकाश ने बताया कि सांसद निधि से जिला अस्पताल में आठ बेड का आईसीयू वार्ड बनाया जा रहा है। इससे गंभीर मरीजों को कानपुर रेफर करने की नौबत नहीं आएगी। उन्होंने बताया कि दूसरा बड़ा काम ब्लड सपरेटर यूनिट की स्थापना है। इसका काम लगभग शुरू हो चुका है। इससे एक यूनिट ब्लड से तीन लोगों की जान बचाई जा सकेगी। अभी तक कोरोना के आरटीपीसीआर सैंपल की जांच कानपुर या लखनऊ में होती थी, लेकिन अब जिला अस्पताल में आरटीपीसीआर लैब स्थापित हो चुकी है। इससे प्रतिदिन 90 सैंपलों की जांच हो जाती है।
सीएमएस ने बताया कि 200 एलएमपी क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट अस्पताल में लग चुका है। इसके माध्यम से 40 बेड को सीधे ऑक्सीजन मिलेगी। अस्पताल को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए वर्ष 2020-21 में कायाकल्प अवार्ड भी मिल चुका है। एक सर्जन डॉ.सिद्धार्थ जैन (एमबीबीएस एमएस), पैथालॉजिस्ट की और तैनाती हुई है। बाल रोग विशेषज्ञ के खाली हुए पदों पर महिला अस्पताल के डॉ.आशुतोष निरंजन से दो घंटे के लिए ओपीडी कराई जा रही है।
महिला अस्पताल में बढ़ा स्टाफ
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ.फौजिया अंजुम नोमानी ने बताया कि इस वर्ष जिला महिला अस्पताल को एक ग्यानोकोलॉजिस्ट, दो इमरजेंसी मेडिकल ऑफीसर (ईएमओ), पैथालॉजिस्ट और एनेस्थीसिया जैसे रिक्त पदों पर नई नियुक्तियां हुईं। इससे अस्पताल की सेवाओं में बढ़ोत्तरी हुई है। अस्पताल ने कायाकल्प अवार्ड में भी चित्रकूट मंडल में स्थान प्राप्त किया। 250 एलएमपी क्षमता ऑक्सीजन प्लांट संचालित है।