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योग और रसोई के मसालों से होगा ग्रामीणों का इलाज

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गहरौली (हमीरपुर)। मधुमेह और अन्य सामान्य बीमारियों से पीड़ित ग्रामीणों को स्वस्थ करने के लिए सरकार ने योग व रसोई के मसालों को अपनाने का फैसला लिया है। जिससे ग्रामीणों की अनावश्यक रुपयों की बर्बादी न हो। वहीं उनकी शारीरिक क्षमता को चुस्त व दुरुस्त किया जा सके। आयुर्वेदिक चिकित्सकों को इसके लिए प्रशिक्षित किया गया है। यही चिकित्सक अब आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम को प्रशिक्षित करेंगे। यह कर्मचारी ग्रामीणों की बीमारियां का इलाज उनके घर पर ही करेंगे।
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मौजूदा समय में सरकारी व निजी अस्पतालों में मरीजों की भरमार है। मरीजों की बढ़ती संख्या दबाव को देखते गांव स्तर पर मौजूद संसाधनों के जरिए मधुमेह व सामान्य बीमारी जैसे जुकाम, बुखार, खांसी आदि से ग्रसित लोगों का उनके घर पर ही इलाज हो सकेगा। इसके लिए योग के साथ रसोई घर में मौजूद हल्दी, अजवाइन, जीरा, सौंप आदि के जरिए उपचार करने की विधि ग्राम स्तर के कर्मचारी व ग्रामीणों को उनके घर पहुंचकर बताएंगे।
हल्दी मधुमेह, चर्मरोग, रक्तशोधक, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के काम आती है। जबकि धनिया विष नाशक है, काली मिर्च, सौंफ व अजवाइन उल्टी, पेट दर्द, मरोड़ और हाजमे के लिए काम आती है। इसी प्रकार लहसुन, करेला, तुलसी, गिलोय, बबूल गिलोय आदि के प्रयोग से रोगों से ग्रामीणों को निजात मिलेगी। इन्हीं के माध्यम से मर्ज ठीक होंगे। (संवाद)
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बांदा में जिले के छह चिकित्सकों को मिला प्रशिक्षण
रुरीपारा पीएचसी के डॉ. हेमंत दसारिया व इमिलिया के डा. अशोक कुमार ने बताया उनके साथ जिले के छह चिकित्सकों को बांदा में ट्रोन इंडिया कंपनी की ओर से दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया है। बताया भविष्य में इसी कंपनी की देखरेख में प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके चिकित्सक आशा कार्यकर्ता और एएनएम को अलग-अलग संबंधित तारीखों पर प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद यही महिला स्वास्थ्य कर्मी ग्रामीण क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अलावा घर-घर जाकर संबंधित प्रभावित मरीजों को मसाले और आयुर्वेदिक दवाओं के बारे में जानकारी देंगी।
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